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Nagpur vehicle pollution: 1000 रुपये जुर्माना से बचना है तो करें ये काम, जानें खर्च और प्रोसेस

By सैयद मोबीन | Updated: November 23, 2023 11:16 IST

Nagpur vehicle pollution: पीयूसी निकालते समय इस बात का ख्याल जरूर रखना चाहिए कि जहां यह सर्टिफिकेट बना रहे हैं, वह आधिकारिक है, वरना आपको जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.

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ठळक मुद्देपीयूसी नहीं हाेने पर मालिक पर 1000 रुपए और चालक पर 1000 रुपए जुर्माना लगाया जाता है.अन्य वाहन चालक और मालिक पर 2-2 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

Nagpur vehicle pollution: वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नजर रखने के लिए सभी वाहनों का पॉल्युशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट निकालना अनिवार्य किया गया है. यह सर्टिफिकेट नहीं होने पर विभिन्न वाहन चालकों व वाहन मालिकों को जुर्माने की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

इसलिए वाहन चालक हो या वाहन मालिक उनके लिए पीयूसी निकालना ही चाहिए. लेकिन पीयूसी निकालते समय इस बात का ख्याल जरूर रखना चाहिए कि जहां यह सर्टिफिकेट बना रहे हैं, वह आधिकारिक है, वरना आपको जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.

पीयूसी का खर्च कितना?

वाहन दर

दोपहिया वाहन ₹50

पेट्रोल वाले तीनपहिया वाहन ₹100

पेट्रोल/ सीएनजी/ एलपीजी वाले चारपहिया वाहन ₹125

डीजल पर चलने वाले वाहन ₹150

पीयूसी नहीं होने पर जुर्माना कितना?

दोपहिया और तीनपहिया वाहनों के लिए पीयूसी नहीं हाेने पर मालिक पर 1000 रुपए और चालक पर 1000 रुपए जुर्माना लगाया जाता है. वहीं, अन्य वाहन चालक और मालिक पर 2-2 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

इसके अलावा दूसरी बार इसी मामले में पकड़े जाने पर दोपहिया और तीनपहिया वाहन चालक व मालिक पर 3-3 हजार जबकि अन्य वाहन चालक व मालिकों पर 5-5 हजार रुपए जुर्माना लगाया जाता है. इसके अलावा पहले व दूसरे हर अपराध के समय ड्राइविंग लाइसेंस को तीन महीने के लिए निलंबित किया जाता है.

पिछले 10 माह में ₹13.34 लाख जुर्माना वसूला

पिछले 10 महीनों में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ), नागपुर शहर के तहत पीयूसी नहीं रखने वाले 488 वाहनों पर कार्रवाई की गई. इस वाहन चालक व मालिकों से 13 लाख 34 हजार रुपए जुर्माना भी वसूला गया. उल्लेखनीय है कि यह आंकड़ा केवल नागपुर शहर आरटीओ का ही है.

इसमें उपक्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, नागपुर पूर्व और आरटीओ नागपुर ग्रामीण को मिलाने पर इसका आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है. नाममात्र शुल्क पर पीयूसी निकाल पाने के बावजूद वाहन चालक व मालिक इस तरह की लापरवाही क्यों बरत रहे हैं, यह समझ से परे है.

आधिकारिक सेंटर पर ही बनाएं पीयूसी 

सभी वाहन चालक और मालिक इस बात का ख्याल रखें कि उनके पास वाहन का पीयूसी सर्टिफिकेट अपडेट रहना चाहिए. पीयूसी समाप्त होते ही तुरंत आधिकारिक सेंटर पर वाहन की जांच कराकर नई पीयूसी जरूर लें. इससे जहां पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मदद मिलेगी, वहीं आप जुर्माने की कार्रवाई से भी बच सकते हैं. - हर्षल डाके, एआरटीओ, नागपुर शहर आरटीओ

टॅग्स :महाराष्ट्रनागपुरNagpur Police
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