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जियो-फेसबुक सौदे को लेकर बोले मुकेश अंबानी, 'इससे भारत बनेगा दुनिया का अग्रणी डिजिटल सोसाइटी'

By मनाली रस्तोगी | Updated: April 22, 2020 13:18 IST

रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने फेसबुक और जियो की साझेदारी पर कहा है कि इसकी मदद से भारत जल्द ही अग्रणी डिजिटल सोसाइटी बनेगी। उन्होंने इस दौरान ये भी कहा कि जियो और फेसबुक के बीच तालमेल से ‘डिजिटल इंडिया’ के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

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ठळक मुद्देजियो-फेसबुक सौदे का स्थानीय ई-कॉमर्स पर होगा जोर, शिक्षा, स्वास्थ्य भी आएंगे दायरे में: अंबानीइस निवेश के साथ जियो प्लेटफार्म्स, रिलायंस रिटेल लिमिटेड और व्हाट्सएप के बीच भी एक वाणिज्यिक साझेदारी समझौता

नई दिल्ली:फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफार्म्स लिमिटेड में 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए 5.7 अरब डॉलर यानी करीब 43,574 करोड़ रुपए का निवेश करने की घोषणा की है। कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण पैदा हुए वैश्विक संकट के बीच बुधवार (21 अप्रैल) को दोनों कंपनियों ने निवेश के इस बड़े सौदे का ऐलान किया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के मुखिया मुकेश अंबानी ने कहा कि इस साझेदारी से देश में डिजिटल सेवाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिसकी वजह से भारत जल्द ही अग्रणी डिजिटल सोसाइटी बन जाएगी। उन्होंने कहा कि जियो-फेसबुक साझेदारी के मूल में फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग की प्रतिबद्धता है और इससे भारत के डिजिटल रूपांतरण की दिशा में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि देश में सभी भारतीयों की सेवा और डिजिटल बदलाव के लिए इस साझेदारी के तहत फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और वह प्रतिबद्ध हैं। अपनी बात को जारी रखते हुए अंबानी ने कहा कि इस साझेदारी का मुख्य मकसद भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को और मजबूत करना है।

इस सौदे से रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह को अपने कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिलेगी तो वहीं भारत में फेसबुक की स्थिति और मजबूत होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत इस समय भी फेसबुक के लिए उपयोगकर्ताओं आधार के लिहाज से सबसे बड़ा बाजार है। 

आरआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने फेसबुक के साथ साझेदारी पर कहा, 'जब रिलायंस ने 2016 में जियो की पेशकश की थी, तब हम भारत के डिजिटल सर्वोदय के सपने से प्रेरित थे। भारत का समावेशी डिजिटल उत्कर्ष, जिससे प्रत्येक भारतीय के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो और भारत दुनिया का अग्रणी डिजिटल समाज बने। जियो और फेसबुक के बीच तालमेल से ‘डिजिटल इंडिया’ के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।' 

उन्होंने कहा कि जियो और फेसबुक के बीच तालमेल से ‘डिजिटल इंडिया’ के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि कोरोना वायरस संकट टल जाने के बाद बहुत जल्द भारत की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। जियो प्लेटफार्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो तमाम प्रकार की डिजिटल सेवाएं प्रदान करती है। 

बता दें कि आरआईएल द्वारा अपने कर्ज को कम करने के प्रयासों के तहत फेसबुक के साथ यह सौदा किया गया है। इसके लिए आरआईएल अपने व्यवसायों में रणनीतिक भागीदारी की तलाश कर रही है। यही नहीं, कुछ समय पहले जियो में हिस्सेदारी के लिए कथित तौर पर गूगल से भी बातचीत की गई थी, लेकिन उन बातचीत के नतीजे के बारे में जानकारी फिलहाल नहीं है। हालांकि, ताजा सौदा जियो और फेसबुक दोनों के लिए फायदेमंद है क्योंकि चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट बाजार है।

व्हाट्सएप के इस्तेमाल को बढ़ावा देंगी दोनों कंपनियां

मुकेश अंबानी ने रियालंस जियो- फेसबुक सौदे की घोषणा के बाद कहा कि दोनों कंपनियां पड़ोस के किराना स्टोर से उपभोक्ताओं को सामान की आपूर्ति के लिए व्हाट्सएप के इस्तेमाल को बढ़ावा देंगी और उसके बाद शिक्षा तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने समूह के सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किए गए एक छोटे वीडियो संदेश में कहा, ‘‘रिलायंस और जियो में हम सभी फेसबुक का स्वागत करते हुए बहुत खुश हैं।’’

अंबानी ने कहा, ‘‘जियो के विश्व स्तरीय डिजिटल कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म और फेसबुक के भारतीय लोगों के साथ गहरे रिश्तों की संयुक्त शक्ति से आप सभी को इनोवेटिव समाधान की पेशकश की जाएगी।’’ उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में जियो के डिजिटल वाणिज्य प्लेटफार्म जियोमार्ट और व्हाट्सएप मिलकर करीब तीन करोड़ किराना दुकानदारों को अपने पड़ोस के ग्राहकों के साथ डिजिटल लेनदेन करने में सक्षम बनाएंगे।

अंबानी ने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि आप सभी पड़ोस की स्थानीय दुकानों को रोजमर्रे के सामानों का ऑर्डर दे सकते हैं और तेजी से सामान पा सकते हैं। इसके साथ ही छोटे किराना दुकानदार अपने कारोबार को बढ़ा सकते हैं और डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल करके रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं।’’

बता दें कि भारत में 40 करोड़ से अधिक लोग फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं और अब कंपनी भुगतान सेवाओं की शुरुआत करना चाहती है। 

(भाषा इनपुट भी)

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