लाइव न्यूज़ :

मैपमायइंडिया ने सेबी के पास आईपीओ के लिए आवेदन किया

By भाषा | Updated: September 1, 2021 12:00 IST

Open in App

डिजिटल मानचित्रण कंपनी मैपमायइंडिया ने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए पूंजी जुटाने के लिए बाजार नियामक सेबी के पास आवेदन किया है। मसौदा रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) के अनुसार आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित है, जिसके तहत प्रवर्तकों और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 75,47,959 इक्विटी शेयरों को बेचने की पेशकश की जाएगी। आईएफएस में रश्मि वर्मा द्वारा 30,70,033 शेयरों, क्वालकॉम एशिया पैसिफिक पीटीई लिमिटेड द्वारा 20,26,055 शेयरों और जेनरिन कंपनी लिमिटेड द्वारा 10,27,471 शेयरों की बिक्री शामिल है। मैपमायइंडिया, जिसे सीई इंफो सिस्टम्स के नाम से भी जाना जाता है, को वैश्विक वायरलेस प्रौद्योगिकी कंपनी क्वालकॉम और जापानी डिजिटल मानचित्रण कंपनी जेनरिन का समर्थित प्राप्त है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारVerSe Innovation ने P.R. रमेश को स्वतंत्र निदेशक और ऑडिट समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया, जानें क्या है कंपनी का प्लान

कारोबारयुद्ध ही युद्धः धैर्य बनाए रखे निवेशक?, सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने कहा-समय के साथ बाजार स्थिर होंगे?

कारोबारSEBI ने नुवामा के म्यूचुअल फंड में एंट्री को दी मंजूरी, स्पॉन्सर की भूमिका के रूप में मिला अप्रूवल

कारोबारHindenburg Row: गौतम अडानी ने सेबी की क्लीन चिट के बाद कहा- झूठी खबरें फैलाने वालों को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए

कारोबारHindenburg case: सेबी ने हिंडनबर्ग मामले में अडानी समूह को दी क्लीन चिट

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारइटली और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी?, 2029 तक व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाना

कारोबारबुलेट ट्रेन परियोजना को व्यावहारिक बनाने की चुनौती

कारोबारITR Filing 2026: घर बैठे मिनटों में दाखिल करें ITR, यहां समझें आसान तारीका

कारोबारकमलनाथ ने सरकार से पेट्रोल-डीज़ल पर 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की मांग की, कहा-मध्य प्रदेश जनता सबसे ज्यादा टैक्स दे रही है

कारोबारकिउल-झाझा तीसरी लाइन परियोजनाः 54 किमी और 962 करोड़ रुपये खर्च?, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- यात्री आवागमन, संपर्क और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को मजबूती