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Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme: मनरेगा श्रमिकों को राहत, एनएसीएच और एबीपीएस के माध्यम से भुगतान 31 दिसंबर तक जारी रहेगा, जानिए

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 30, 2023 21:37 IST

Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीएस) के तहत आधार-आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से श्रमिकों को अनिवार्य वेतन देने की समय सीमा इस साल 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है।

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ठळक मुद्देश्रमिकों को अनिवार्य वेतन देने की समय सीमा इस साल 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है।वेतन भुगतान का संयुक्त माध्यम (एनएसीएच और एबीपीएस से) 31 दिसंबर 2023 तक या अगले आदेश तक बढ़ाया जाएगा। 31 मार्च तक, फिर 30 जून तक और अंततः 31 अगस्त तक बढ़ा दिया गया।

Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीएस) के तहत आधार-आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से श्रमिकों को अनिवार्य वेतन देने की समय सीमा इस साल 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है।

इससे कुछ दिन पहले एक अधिकारी ने कहा था कि यह निर्णय लिया गया है कि समय सीमा अब और नहीं बढ़ाई जाएगी। मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि आधार-आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस) की प्रगति की समीक्षा की गई और यह निर्णय किया गया कि वेतन भुगतान का संयुक्त माध्यम (एनएसीएच और एबीपीएस से) 31 दिसंबर 2023 तक या अगले आदेश तक बढ़ाया जाएगा।

इस साल जनवरी में मनरेगा के तहत आधार-आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से भुगतान अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया था और सरकार ने पहले एक फरवरी की समय सीमा तय की थी, जिसे बाद में 31 मार्च तक, फिर 30 जून तक और अंततः 31 अगस्त तक बढ़ा दिया गया।

मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि पहले यह तय किया गया था कि समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। लेकिन, स्थिति की समीक्षा के बाद, सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त माध्यम से भुगतान जारी रखने का निर्णय किया कि कुछ श्रमिक इससे बाहर न रह जाएं। मंत्रालय ने कहा, ‘‘आधार-आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस) की प्रगति की समीक्षा की गई।

भुगतान का संयुक्त माध्यम (एनएसीएच और एबीपीएस) 31 दिसंबर 2023 तक या अगले आदेश तक बढ़ा दिया गया है।’’ बयान में यह दोहराया गया कि काम के लिए आने वाले लाभार्थियों से आधार नंबर देने का अनुरोध किया जाना चाहिए, लेकिन इस आधार पर काम दिये जाने से इनकार नहीं किया जाएगा।

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