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India-China Foreign Investment: भारत को बंपर फायदा, चीन में विदेशी निवेश कम, संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ ने कहा- भारत में निवेश कर रही पश्चिमी कंपनी, आखिर क्या है पीछे की वजह!

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 17, 2024 11:34 IST

India-China Foreign Investment: ताजे आंकड़ों में भारत के लिए 6.9 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान इस साल जनवरी में संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए गए 6.2 प्रतिशत विकास दर के पूर्वानुमान से अधिक है।

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ठळक मुद्देIndia-China Foreign Investment: चीन के लिए इसमें मामूली वृद्धि की गई है।India-China Foreign Investment: चीन की 2024 में विकास दर 4.8 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।India-China Foreign Investment: जनवरी में 4.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। 

India-China Foreign Investment: संयुक्त राष्ट्र के एक विशेषज्ञ ने कहा कि भारत का आर्थिक विकास प्रदर्शन ‘‘बहुत अच्छा’’ रहा है और यह कई पश्चिमी कंपनी के लिए निवेश करने का एक वैकल्पिक गंतव्य बन गया है क्योंकि चीन में विदेशी निवेश कम होता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2024 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि को संशोधित किए जाने के मौके पर विशेषज्ञ ने यह बात कही। संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग (यूएन डीईएसए) के आर्थिक विश्लेषण एवं नीति प्रभाग में वैश्विक आर्थिक निगरानी शाखा के प्रमुख हामिद राशिद ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘भारत को अन्य पश्चिमी स्रोतों से भारत में आने वाले अधिक निवेश से भी लाभ हो रहा है, क्योंकि चीन में कम से कम विदेशी निवेश जा रहा है।

भारत कई पश्चिमी कंपनियों के लिए एक वैकल्पिक निवेश स्रोत या गंतव्य बन गया है। मुझे लगता है कि इससे भारत को फायदा हो रहा है।'' वह ‘वैश्विक आर्थिक स्थिति एवं संभावनाएं 2024’ के मध्य-वर्ष के ताजा अनुमानों पर जानकारी दे रहे थे। वर्ष 2024 के लिए भारत के विकास संबंधी अनुमान को संशोधित किया गया है।

यह अनुमान जताया गया है कि इस वर्ष देश की अर्थव्यवस्था लगभग सात प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। वर्ष 2024 के मध्य तक ‘वैश्विक आर्थिक स्थिति और संभावनाओं’ संबंधी बृहस्पतिवार जारी आंकड़ों में कहा गया, ‘‘भारत की अर्थव्यवस्था 2024 में 6.9 प्रतिशत और 2025 में 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो मुख्य रूप से मजबूत सार्वजनिक निवेश और लचीली निजी खपत से प्रेरित है।

हालांकि कमजोर बाहरी मांग का व्यापारिक निर्यात वृद्धि पर असर जारी रहेगा, फार्मास्यूटिकल्स और रसायनों के निर्यात में जोरदार बृद्धि की उम्मीद है।" मध्य वर्ष के ताजे आंकड़ों में भारत के लिए 6.9 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान इस साल जनवरी में संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए गए 6.2 प्रतिशत विकास दर के पूर्वानुमान से अधिक है।

चीन के लिए इसमें मामूली वृद्धि की गई है। अब चीन की 2024 में विकास दर 4.8 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जिसका जनवरी में 4.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। चीन की वृद्धि दर 2023 की 5.2 प्रतिशत दर से घटकर 2024 में 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

टॅग्स :नरेंद्र मोदीशी जिनपिंगचीनइकॉनोमीसकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी)
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