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भारतीय आईटी एक्सपर्ट्स पर जर्मनी हुआ मेहरबान! बिना जॉब ऑफर इंडियन को आसान वीजा के लिए चल रहा है काम- बोले जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज

By आजाद खान | Updated: February 27, 2023 14:42 IST

अपने दो दिवसीय दौरे पर भारत आए जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने कहा है कि “हम कामकाजी वीजा जारी करने की प्रक्रिया सरल करना चाहते हैं। कानूनी प्रक्रिया के अलावा हम पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया को भी आधुनिक रूप देना चाहते हैं।”

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ठळक मुद्देजर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने जर्मनी में जॉब को लेकर बड़ी अपडेट दी है। उन्होंने कहा है कि हम भारतीय आईटी विशेषज्ञों और अन्य कुशल श्रमिकों के लिए वीजा आसान करने पर काम कर रहे है। यही नहीं उनके अनुसार, बिना बिना जॉब ऑफर के भारतीयों को जर्मनी में जाने और काम ढूंढने के स्सिटम पर भी काम किया जा रहा है।

नई दिल्ली:जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने जर्मनी में काम करने की चाह रखने वाले भारतीयों के लिए एक अच्छी खबर सुनाई है। उन्होंने कहा है कि वे ऐसे स्सिटम पर काम कर रहे है जिसके चलते जर्मनी में जाना काफी आसान हो जाएगा और वहां नौकरी भी खोजना काफी सरल हो जाएगा। 

अपने दो दिवसीय यात्रा पर भारत आए शोल्ज ने कहा है कि हर सेक्टर के भारतीयों खासकर आईटी से जुड़े कुशल श्रमिकों को अपने देश में काम करने की एक व्यवस्था पर वे काम कर रहे है। उन्होंने यह भी कहा है कि हम अपनी कानूनी ढांचे को सुधार कर ऐसा स्सिटम तैयार करेंगे जिससे बिना जॉब ऑफर का भारतीयों को आसानी से जर्मनी का वीजा मिलेगा और इसके बाद वे वहां जाकर काम भी ढूंढ सकते है। 

आईटी वालों के लिए जर्मनी आसान करेगा वीजा

आपको बता दें कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के कुशल कामगारों की कमी का सामना कर रहे जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार भारत के आईटी पेशेवरों के लिए कामकाजी वीजा लेने की प्रक्रिया आसान बनाना चाहती है। 

भारत दौरे पर पहुंचे शोल्ज ने बेंगलुरु में संवाददाताओं से कहा कि कानूनी ढांचे में इस साल ऐसा सुधार लाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है कि जर्मनी सॉफ्टवेयर डेवलपर और आईटी क्षेत्र के कुशल कामगारों को आकर्षित कर सके। 

पत्रकारों से बात करते हुए क्या कहा जर्मन चांसलर 

इस पर बोलते हुए शोल्ज ने कहा, “हम कामकाजी वीजा जारी करने की प्रक्रिया सरल करना चाहते हैं। कानूनी प्रक्रिया के अलावा हम पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया को भी आधुनिक रूप देना चाहते हैं।” जर्मनी में कामकाज के लिए पहुंचने पर विदेशी कामगारों को होने वाली भाषा संबंधी समस्या पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। 

जब लोग जर्मनी पहुंचते हैं तो वे अंग्रेजी बोलते हैं और फिर धीरे-धीरे जर्मन भाषा को अपना लेते हैं। शोल्ज ने भारत दौरे के पहले दिन शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की थी। 

भारतीयों को जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने क्या कहा

अपने दो दिन के भारत के दौरे पर आए जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने कहा है कि जर्मनी की सरकार एक स्सिटम पर काम कर रही है जो कनाड़ा जैसे देश की तरह पॉइंट बेस्ट सिस्टम के जरिए अपने यहां आईटी विशेषज्ञों और अन्य कुशल श्रमिकों को काम करने के लिए बुलाएगी। 

लेबर की कमी से जूझ रहे जर्मनी बिना किसी कंपनी से कोई जॉब ऑफर के ऐसे भारतीयों को न केवल वीजा देगी बल्कि जर्मनी आकर नौकरी ढूंढने का भी मौका देगी। 

पूरे परिवार के साथ आए जर्मनी, इसका भी रखा जाएगा ध्यान- जर्मन चांसलर 

ओलाफ स्कोल्ज ने यह भी कहा है कि सरकार न केवल आईटी विशेषज्ञों को केवल जर्मनी में आना चाहती है बल्कि वह हर सेक्ट के कर्मचारियों को जर्मनी में आकर काम करने राय रखती है। लेकिन सरकार पहला फोकस उन आईटी विशेषज्ञों जिसकी जरूरत जर्मनी को सबसे ज्यादा है। 

यही नहीं सरकार इस बात पर भी ध्यान दे रही है कि जो भी भारतीय भारत आए तो न केवल वह अकेला आए बल्कि वह अपने परिवार के साथ आ सके, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। 

भाषा इनपुट के साथ  

टॅग्स :बिजनेसजर्मनीनौकरीInformation Technology
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