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Data Shows Employees: नमस्ते हम निकल रहे हैं!, काम में बदलाव..., आखिर क्या है कारण, पढ़िए रिपोर्ट

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: September 14, 2024 22:32 IST

Data Shows Employees:ट्रैफिक विश्लेषण फर्म आईएनआरआईएक्स इंक ने रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कहा कि वर्क कल्चर में बदलाव हो रहा।

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ठळक मुद्देData Shows Employees: कोरोना वायरस को लेकर कई बदलाव आ गया है। Data Shows Employees: पेशेवर लोग ऑफिस जाने वाले कर्मचारी अपने काम के घंटे मानते थे। Data Shows Employees: लगभग 1-2 साल तक लोग घर से काम करते रहे।

Data Shows Employees: विश्व भर में कोरोना वायरस को लेकर कई बदलाव आ गया है। कोविड महामारी से पहले सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ऐसा समय होता था, जिसे पेशेवर लोग ऑफिस जाने वाले कर्मचारी अपने काम के घंटे मानते थे। कोविड महामारी के समय कंपनियों ने कई बदलाव किए और वर्क फॉर होम कल्चर शुरू किया। लगभग 1-2 साल तक लोग घर से काम करते रहे। लेकिन समय का बदलाव हो गया है और कंपनियां कर्मचारी को वर्क फॉर ऑफिस आने को कह रही है। ट्रैफिक विश्लेषण फर्म आईएनआरआईएक्स इंक ने रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कहा कि वर्क कल्चर में बदलाव हो रहा।

ट्रैफिक पैटर्न में बदलाव

दुनिया में कोविड-19 महामारी फैलने से पहले अधिकांश कार्यालय कर्मचारियों के लिए मानक समय सुबह 9 से शाम 5 बजे था। अब कर्मचारी कार्यदिवस सुबह 10 से शाम 4 बजे में बदल रहा है। 2023 ग्लोबल ट्रैफिक स्कोरकार्ड से पता चलता है कि सुबह के समय कम पेशेवर यात्रा कर रहे हैं, जिससे ट्रैफिक पैटर्न में बदलाव आ रहा है।

हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि कार्यालय समय अनौपचारिक रूप से दो घंटे कम हो गया है। यातायात की भीड़ को देखते हुए बदलाव हो रहा है। सुबह और शाम की भीड़ के बजाए दोपहर में भारी ट्रैफिक देखा जा रहा है। लोग अभी भी ऑफिस में वापसी के आदेश के प्रति उत्साहित हैं।

सुबह और शाम को कम गतिविधि

आईएनआरआईएक्स रिपोर्ट के लेखक और परिवहन विश्लेषक बॉब पिशू ने सीएनबीसी को बताया कि हम सुबह और शाम को कम गतिविधि देख रहे हैं लेकिन दोपहर के आसपास बहुत अधिक गतिविधि देख रहे हैं। दुनिया भर में पेशेवर की बढ़ती संख्या के लिए कार्य-जीवन संतुलन एक जरूरी काम बन गया है।

लोग ट्रैफिक में कई घंटे बर्बाद कर रहे

क्रोनस के सीईओ डेविड सैटरवाइट ने कहा कि अभी भी कई लोग घर से काम करना पसंद कर रहे हैं। कार्यालय में बहुत जरूरी होने पर आते हैं। कर्मचारी को लगता है कि घर से काम भी कर रहे हैं और यातायात से बच रहा है। दिनों दिन ट्रैफिक का दवाब बढ़ता ज रहा है। लोग ट्रैफिक में कई घंटे बर्बाद कर रहे हैं। इस घटना को "कॉफी बैजिंग" कहा जाता है।

कई कार्यस्थलों में एक सामान्य और स्वीकृत मानदंड बन गई है। बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार आउल लैब्स के एक हालिया सर्वेक्षण से पता चला है कि 58 प्रतिशत हाइब्रिड कर्मचारियों ने इस बात को स्वीकार किया है कि जाने से पहले केवल कुछ घंटों के लिए कार्यालय में रुकते हैं। सर्वेक्षण में ऐसी रिपोर्ट देखी गई है।

66 प्रतिशत नौकरी की तलाश शुरू कर देते हैं

बहुत से लोग करियर में उन्नति और आगे बढ़ने के बजाय स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन, लचीले घंटे और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहे हैं। जीवन से पहले कुछ नहीं हैं। लोगों ने कहा कि ऑफिस में मन नहीं लगता और यदि इस विकल्प को हटाते हैं तो 66 प्रतिशत नौकरी की तलाश शुरू कर देते हैं। 39 प्रतिशत नौकरी तुरंत छोड़ देंगे।

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