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वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिलहाल भारत है एक आकर्षक स्थल- बोले संयुक्त राष्ट्र के जाने-माने अर्थशास्त्री, कहा- इस साल जीडीपी की वृद्धि दर रहेगी 5.8 प्रतिशत

By भाषा | Updated: January 26, 2023 20:04 IST

इस पर बोलते हुए संयुक्त राष्ट्र के जाने-माने अर्थशास्त्री हामिद राशिद ने कहा है कि, ''अन्य दक्षिण एशियाई देशों में आर्थिक वृद्धि दर को लेकर स्थिति बहुत चुनौतीपूर्ण रहने वाली है जबकि भारत की आर्थिक वृद्धि के मजबूत रहने की उम्मीद है। दुनिया में सबसे तेजी से वृद्धि करती प्रमुख अर्थव्यवस्था भारत की 2024 में वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।''

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ठळक मुद्देभारत की अर्थव्यवस्था को लेकर संयुक्त राष्ट्र के जाने-माने अर्थशास्त्री ने एक बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिलहाल भारत एक आकर्षक स्थल पर है। उनके अनुसार, 2023-24 में भारत की अर्थव्यवस्था अच्छी रहने की उम्मीद है।

नई दिल्ली: वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत फिलहाल एक आकर्षक स्थल है और अगले साल 6.7 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अर्थशास्त्री ने कहा कि यह वृद्धि दर जी-20 सदस्य देशों की तुलना में काफी ऊंची है। 

संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अर्थशास्त्री ने भारत को लेकर क्या कहा है

संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग में आर्थिक विश्लेषण और नीति खंड की वैश्विक आर्थिक निगरानी शाखा के प्रमुख हामिद राशिद ने 'विश्व आर्थिक स्थिति और संभावनाएं 2023' रिपोर्ट पेश करने के दौरान आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''मुझे लगता है कि भारत इस वक्त वैश्विक अर्थव्यवस्था में आकर्षक स्थल है।’’ इस रिपोर्ट में कहा गया है कि उच्च ब्याज दरों और दुनियाभर में निवेश व निर्यात पर आर्थिक मंदी के प्रभाव के बीच भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 2023 में 5.8 प्रतिशत रहने की संभावना है। 

अन्य दक्षिण एशियाई देशों के मुकाबले भारत की आर्थिक वृद्धि रहेगी मजबूत- शीर्ष अर्थशास्त्री

मामले में राशिद ने आगे कहा, ''अन्य दक्षिण एशियाई देशों में आर्थिक वृद्धि दर को लेकर स्थिति बहुत चुनौतीपूर्ण रहने वाली है जबकि भारत की आर्थिक वृद्धि के मजबूत रहने की उम्मीद है। दुनिया में सबसे तेजी से वृद्धि करती प्रमुख अर्थव्यवस्था भारत की 2024 में वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।'' उन्होंने कहा, ''हमारा मानना है कि निकट भविष्य में मजबूत मांग के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति अच्छी रहेगी।’’ 

राशिद ने कहा कि 2024 में आर्थिक वृद्धि दर बढ़कर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है और जी-20 के अन्य देशों के मुकाबले काफी बेहतर है। आपको बता दें कि जी-20 में 19 देश- अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन और अमेरिका के साथ-साथ यूरोपीय संघ (ईयू) है। 

देश में मौजूदा आर्थिक मजबूती के लिए है तीन कारक जिम्मेदार- हामिद राशिद

इस पर बोलते हुए शीर्ष अर्थशास्त्री ने, ''भारत के लिए यह भरोसेमंद और टिकाऊ वृद्ध दर है। भारत में गरीबी रेखा के नीचे कई लोग रहते हैं। इसलिए वृद्धि दर का यह स्तर बेहतर है। भारत अगर इस वृद्धि दर को कायम रखता है तो यह सतत विकास लक्ष्यों के लिए और वैश्विक गरीबी कम करने के लिए अच्छा रहेगा।'' 

भारतीय अर्थव्यवस्था पर एक सवाल के जवाब में राशिद ने भारत की मौजूदा आर्थिक मजबूती के लिए तीन कारकों को जिम्मेदार ठहराया है। 

उन्होंने कहा कि भारत में बेरोजगारी दर पिछले चार साल में भारी गिरावट के साथ 6.4 प्रतिशत रह गई। इसका मतलब है कि घरेलू मांग बहुत मजबूत है। राशिद ने कहा कि भारत में महंगाई दबाव भी काफी कम हुआ है और इसके इस साल करीब 5.5 प्रतिशत तथा 2024 में पांच प्रतिशत रहने का अनुमान है। 

भारत के आयात बिल के कम होने से देश को मिल रहा है फायदा

इस पर हामिद राशिद ने आगे कहा है कि इसका मतलब है कि देश के केंद्रीय बैक को मौद्रिक नीति के मोर्चे पर आक्रामक रुख अपनने की जरूरत नहीं होगी। राशिद ने कहा कि भारत को लाभ पहुंचाने वाला तीसरा तथ्य ये है कि यहां आयात बिल कम रहा है। खासकर ऊर्जा आयात लागत कम रही है। इससे भी 2022 और 2023 में भारत की वृद्धि दर संभावना बेहतर हुई।  

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