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अश्वणी वैष्णव ने गुजरात में पहले सेमीकंडक्टर प्लांट की नींव रखी, कहा- इससे PM मोदी के विजन 'आत्मनिर्भर भारत' को लगेंगे पंख

By आकाश चौरसिया | Updated: September 24, 2023 17:54 IST

गुजरात में भारत के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट आधारशिला केंद्रीय मंत्री अश्वणी वैष्णव ने रख दी है। यह गुजरात के औद्योगिक विकास कॉरपोरेशन क्षेत्र में बनने जा रहा है।

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ठळक मुद्देकेंद्रीय मंत्री अश्वणी वैष्णव ने गुजरात में बनने जा रहे पहले सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमि पूजन किया। वैष्णव ने कहा कि प्लांट का निर्माण होना PM मोदी के आत्म निर्भर भारत विजन को पूरा करता है केंद्रीय मंत्री ने बताया दिसंबर 2024 तक पहली स्वदेशी माइक्रोचिप बाजार में सामने आ जाएगी

अहमदाबाद: केंद्रीय मंत्री अश्वणी वैष्णव ने गुजरात में बनने जा रहे पहले सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमि पूजन किया। साथ ही उन्होंने सेरेमनी के बाद दिए अपने भाषण में कहा कि यह पहला ऐसा प्लांट है जो भारत में ही सेमीकंडक्टर बनाएगा। 

अश्वणी वैष्णव ने आगे कहा कि प्लांट का निर्माण होना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्म निर्भर भारत विजन को पूरा करता है और आने वाले समय में यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सुनिश्चित किया कि यह प्लांट बहुत जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिसंबर 2024 तक पहली स्वदेशी माइक्रोचिप बाजार में सभी के सामने आएगी। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पीएम मोदी के नेतृत्व में इलेक्ट्रॉनिक कारोबार में लगातार प्रगति हो रही है। 

वैष्णव ने कहा कि भारत में मोबाइल फोन की मैन्यूफैक्चरिंग की कीमत साल 2014 में लगभग 17 हजार करोड़ रुपये थी जिसने अपना विस्तार करते हुए मार्केट में बढ़ती मांग के चलते उत्पादन इतना किया कि उसकी कीमत 3 लाख 65 हजार करोड़ रुपये जा पहुंची है। दूसरी तरफ इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री का मूल्य एक समय 1 लाख 90 हजार करोड़ रुपये था जो वर्तमान में 8 लाख 30 करोड़ के भारी भरकम मूल्य के साथ मार्केट में उपलब्ध है। 

मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में निर्यात में भी पांच गुना बढ़ोतरी हुई है जो पहले 40 हजार करोड़ तक ही सीमित था। निर्यात आज 2 लाख करोड़ रुपये तक जा पहुंचा है। 

अश्वणी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में टाइकून माइक्रोन कंपनी ने जून 2022 में इसकी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट को भारत में खोलने का ऐलान कर दिया था। इसके लिए कंपनी ने 825 मिलयन यूएस डॉलर का निवेश भी भारत में किया है।

उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर के मार्केट में आ जाने से घरेलू ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मांग बढ़ेगी और उसे सप्लाई कर पाने में यह कारखाना सक्षम होगा। इससे ही जुड़ी एक बात और साझा की प्लांट अनुकूल वातावरण में बनने वाला है, कुशल कारीगर भी काम लगेंगे जिससे इसकी उत्पादकता दोगुनी हो सकती है। 

बताते चले कि माइक्रोन का यह प्लांट गुजरात औद्योगिक विकास कॉरपोरेशन के भीतर संसद इडेस्ट्रियल पार्क में स्थापित होगा। माइक्रोन कंपनी अमेरिकी से आती है।

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