लाइव न्यूज़ :

रामायण सीरियल शुरू होने के पीछे राजीव गांधी की थी खास भूमिका, जानिए कैसे

By ऐश्वर्य अवस्थी | Updated: April 23, 2020 13:43 IST

1985 में राजीव गांधी बहुमत से सरकार में आए थे। लेकिन उनके सामने सिख विरोधी दंगे , भोपाल गैस त्रासदी जैसी समस्याएं थीं। ऐसे में राजीव का एक वर्ग आलोचना भी कर रहा था

Open in App
ठळक मुद्देरामायण अपने फिर से प्रसारण के साथ फिर से फैंस के बीच छा गई हैदूरदर्शन पर आ रहे रामायण के हर एक किरदार से फिर से लोगों को प्यार हो गया है

दुनियाभर में कोराना वायरस का कहर फैला हुआ है। भारत में भी इस वायरस ने अपने कदम फैला लिए हैं।। देश में कोरोना वायरस की वजह से 3 मई तक का लॉकडाउन जारी है। हर राज्य की सरकार इस लॉकडाउन को सक्सेसफुल बनाने में अपनी पूरी ताकत झोंक रही। ऐसे में लोगों की मांग पर एक बार फिर से 90 के दशक के सीरिल्य शुरू किए गए। इन्हीं में से एक है रामानंद सागर की रामायण भी। हाल ही में इसका प्रसारण दूरदर्शन पर शुरू हुआ है।

रामायण अपने  फिर से प्रसारण के साथ फिर से फैंस के बीच छा गई है। दूरदर्शन पर आ रहे रामायण के हर एक किरदार से फिर से लोगों को प्यार हो गया है। शो टीआरपी में नंबर एक पर चल रहा है।रामायण अब अपने अंतिम चरण पर पहुंचे वाली है। रामायण का पहला प्रसारण दूरदर्शन पर 25 जनवरी 1987 में हुआ था।  कहा जाता है पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जो उस वक्त पीएम ने उन्होंने रामानंद सागर को रामायण बनाने को कहा था।

1985 में राजीव गांधी बहुमत से सरकार में आए थे। लेकिन उनके सामने सिख विरोधी दंगे , भोपाल गैस त्रासदी  जैसी समस्याएं थीं। ऐसे में राजीव का एक वर्ग आलोचना भी कर रहा था। कहा जाता है कि उस वक्त राजीव गांधी ने सूचना और प्रसारण मंत्री वीएन गाडगिल से कहा कि दूरदर्शन पर देश के लोगों की आस्था-विश्वास के साथ भारत की सभ्यता और संस्कृति की झलक दिखाई जानी चाहिए। जिसके बाद ये बात आगे बढ़ाई गई थी।

जिसके बाद सूचना और प्रसारण मंत्री ने  रामानंद सागर और बीआर चोपड़ा को खत लिखा था।  उन्होंने कहा था कि दो हफ्ते में रामायण पर एक शूट जमा कर दें। रामानंद सागर ने ऐसा ही किया। इसके बाद काफी वाद विवाद के बाद रामायण छोटे पर्दे पर पेश की गई थी। रामायण 1 साल तक पर्दे पर पेश की गई थी और इसको अपार सफलता मिली थी। हाल ही में वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने ट्विट करते हुए कहा है कि रामायण जैसे अध्यात्मिक सीरियल को शुरू करने का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी को जाता है। उन्होंने ही रामानंद सागर को रामायम लिखने के लिए अनुप्रेरित किया था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसके गवाह ब्रजभूषण थे। 

टॅग्स :रामायणअरुण गोविलदीपिका चिखलियासुनील लहरी
Open in App

संबंधित खबरें

बॉलीवुड चुस्कीValmiki Ramayana film: रामनवमी पर 'वाल्मिकी रामायण' की घोषणा, फिल्म की रिलीज डेट भी बताई गई

बॉलीवुड चुस्कीरामानंद सागर के बेटे आनंद सागर चोपड़ा का 84 वर्ष की आयु में निधन

बॉलीवुड चुस्कीअरुण गोविल ने की रणबीर कपूर की तारीफ, बोले- भगवान राम के रोल में बहुत अच्छे लग रहे हैं...

भारतपूर्वी चंपारण में बन रहा विश्व का सबसे बड़ा रामायण मंदिर, 500 करोड़ की लागत, 500 सालों तक सुरक्षित,  33 फीट ऊंचा और 210 टन वजन शिवलिंग, जानें खासियत

पूजा पाठMaharishi Valmiki Jayanti 2025: कैसे राम की भक्ति में लीन महर्षि वाल्मीकि?, रामायण रचयिता की जयंती

बॉलीवुड चुस्की अधिक खबरें

बॉलीवुड चुस्कीआदित्य धर ने संतोष कुमार आरएस को भेजा नोटिस, कुमार ने दावा किया था कि 'धुरंधर 2' के मेकर्स ने उनकी कहानी को किया है कॉपी

बॉलीवुड चुस्कीरिलीज के 20 साल बाद?, रैपर यो यो हनी सिंह और बादशाह के 'अश्लील और अपमानजनक' गाने को हटाने का निर्देश, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा-‘अंतरात्मा पूरी तरह से झकझोर’ दी?

बॉलीवुड चुस्की13 दिन में 1435 करोड़! धुरंधर 2 बनी चौथी सबसे बड़ी फिल्म, RRR को पछाड़कर रच दिया इतिहास

बॉलीवुड चुस्कीRamayana: रणबीर कपूर की 'रामायण' का टीजर, इमोशनल हुए फैंस

बॉलीवुड चुस्कीआज का इतिहासः देश-दुनिया में 30 मार्च की तारीख, महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा?