नई दिल्लीःआखिरकार ‘बिस्मिल की महफ़िल’ इंडिया टूर 2025 का समापन हो गया। कई शहर में फैंस जमकर मस्ती किए और संगीत में डूब गए। भारत के लोकप्रिय और समकालीन सूफ़ी संगीत के सबसे प्रभावशाली नाम बिस्मिल का बहुप्रतीक्षित ‘बिस्मिल की महफ़िल इंडिया टूर 2025’ अभूतपूर्व सफलता के साथ संपन्न हो गया है। इस भव्य राष्ट्रव्यापी संगीत यात्रा की शुरुआत राजधानी पुणे से हुई और ऐतिहासिक रूप से इसका समापन दिल्ली में हुआ, जिसने पूरे टूर को एक यादगार और ऐतिहासिक रूप दे दिया।
दर्शकों की जबरदस्त भागीदारी और भावनात्मक जुड़ाव के साथ यह टूर देश के सबसे सफल सूफी कॉन्सर्ट तौर बनकर उभरा है। इस टूर की आधिकारिक घोषणा बिस्मिल ने अपने इंस्टाग्राम पेज के माध्यम से की थी, जिसे योर्ज़ इवेंटफुली द्वारा प्रस्तुत और आयोजित किया गया। पुणे से शुरू होकर यह महफ़िल नासिक, बरेली, सूरत, लखनऊ, कोलकाता, मुंबई, लुधियाना और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंची। हर शहर में दर्शकों ने भारी संख्या में पहुंचकर सूफ़ी संगीत, कविता और भक्ति से भरी इस संगीतमय शाम को ऐतिहासिक बना दिया।
हर पड़ाव पर ‘बिस्मिल की महफ़िल’ केवल एक कॉन्सर्ट नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और भावनात्मक अनुभव बनकर उभरी, जहां संगीत ने दिलों और रूहों को जोड़ा। सूफ़ी कलाम, आधुनिक साउंडस्केप और बिस्मिल की आत्मीय प्रस्तुति ने हर शहर में दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। टूर के समापन पर दिल्ली में आयोजित महफ़िल ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
हजारों संगीत प्रेमियों की मौजूदगी में यह आयोजन भारत की सबसे बड़ी और प्रभावशाली सूफ़ी महफ़िलों में शामिल हो गया। दर्शकों की तालियों, दुआओं और भावनात्मक प्रतिक्रिया ने इस यात्रा को एक ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंचा दिया। टूर की सफलता पर बिस्मिल ने कहा कि यह सफ़र मेरे लिए सिर्फ़ मंच से गाने का नहीं था, बल्कि हर शहर में लोगों के दिलों से जुड़ने का अनुभव था।
पुणे से शुरू होकर दिल्ली में ही इस यात्रा का पूरा होना मेरे लिए बेहद खास है। सूफ़ी संगीत की ताक़त को देशभर से मिला प्यार हमेशा मेरे साथ रहेगा। वहीं, योर्ज़ इवेंटफुली की टीम ने बताया कि यह टूर प्रोडक्शन, दर्शक सहभागिता और भावनात्मक जुड़ाव के लिहाज़ से एक नया बेंचमार्क बन गया है,
जिसने भारत में सूफ़ी संगीत के लाइव अनुभव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। दिल्ली की ऐतिहासिक गरिमा, लखनऊ की सूफ़ियाना रवायत, कोलकाता की सांस्कृतिक ऊर्जा, मुंबई की जीवंतता और अहमदाबाद की उमंग हर शहर ने इस महफ़िल को अपना बना लिया।