मोदी ने ‘एक भविष्य’ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रकृति का नियम है कि जो व्यक्ति और संस्था समय के साथ स्वयं में बदलाव नहीं लाते हैं, वह अपना वजूद खत्म कर देते हैं.
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G20 Summit 2023: 37 पृष्ठों के घोषणा पत्र में पृथ्वी, यहां के लोग, शांति व समृद्धि वाले खंड में चार बार यूक्रेन युद्ध की चर्चा है किंतु रूस का नाम कहीं नहीं है.
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पर्यूषण महापर्व-कषाय शमन का पर्व है, जिसमें किसी के भीतर में ताप, उत्ताप पैदा हो गया हो, किसी के प्रति द्वेष की भावना पैदा हो गई हो तो उसको शांत करने का पर्व है।
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चर्चा का आधार है राष्ट्रपति की ओर से जी-20 शिखर सम्मेलन के मेहमानों को भेजा गया रात्रिभोज का सरकारी निमंत्रण पत्र जिस पर ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ के बजाय ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ लिखा गया है.
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दोनों देश प्राचीन काल से ही भारत-इजराइल सांस्कृतिक संबंधों के बारे में जानते थे विशेष रूप से 68 ईसवी के बाद से जब हजारों निर्वासित यहूदी केरल में कोडुंगल्लूर, जिसे तब मुजरिस कहा जाता था, पहुंचे थे।
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अभी तो हालत यह है कि इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के एक्सपायर होने के बाद लोग या तो उसे यूं ही फेंक देते हैं या कबाड़ी वाले खरीद कर अव्यवस्थित ढंग से उसका निस्तारण करते हैं, जिससे उसका पूरी तरह से निस्तारण भी नहीं हो पाता और पर्यावरण भी प्रदूषित होता है।
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Sanatan Dharma: सनातन नाम की विस्फोटक सुरंग विपक्षी राजनीति की जमीन में तमिलनाडु की स्थानीय राजनीति के कारण प्लांट हुई. सनातन धर्म और ब्राह्मणों के विरोध की राजनीतिक परंपरा तमिलनाडु में बहुत पुरानी है.
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समग्र रूप में देखा जाए तो पिछले साल भर में भारत केवल जी-20 सम्मेलन का यजमान बनकर ही नहीं रहा, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी धाक बताने, धमक को महसूस कराने और चमक दुनिया को दिखाने वाला बना।
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भारत अपनी पूरी ताकत के साथ दुनिया के प्रमुख 20 देशों का नेतृत्व कर रहा है। भारत से जलवायु परिवर्तन और सतत विकास पर चर्चा का नेतृत्व करने की जो उम्मीद विश्व ने रखी, भारत उस पर खरा उतरा है।
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