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जब लड़कियों को सिक्योरिटी नहीं दे सकते तो किस बात का राष्ट्रीय बालिका दिवस!

By गुलनीत कौर | Updated: January 24, 2018 15:51 IST

क्या आप जानते हैं कि देश में महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित राज्य कौन सा है?

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राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर आज यूं ही मन में आया कि आखिर क्यों भारत में लोग संतान के रूप में बेटी की बजाय पहले बेटा चाहते हैं? हर क्षेत्र में तरक्की कर रहे भारत में आज भी ऐसे लोग हैं जिन्हें बेटी नहीं चाहिए। इसके पीछे कई कारण हैं जिनमें लड़कियों की 'सुरक्षा' भी शामिल है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि आज हमारे देश में माता-पिता अपनी बेटी की शादी से अधिक उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। अगर बेटी घर से बाहर अकेली निकली है तो उन्हें हर समय यह डर अन्दर ही अन्दर खाए जाता है कि वो सही सलामत घर वापिस लौटेगी या नहीं।

हमारे समाज में ऐसे कई भेड़िये हैं जो हर वक्त लड़कियों को अपना शिकार बनाने की ताक में ही घूमते हैं। सरकार और प्रशासन की इतनी चौकसी होने के बावजूद भी आए दिन बलात्कार, शारीरिक उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न के मामले बढ़ते चले जा रहे हैं। सबसे बड़ी शर्मिंदगी तब होती है जब ऐसे कुकर्मों को अंजाम देने वालों में उनका नाम आता है जिन्हें हम लोग अपना 'रक्षक' मानते हैं। इन्हीं दरिंदो की वजह से एक मां कहीं ना कहीं 'बेटी' को जन्म देने से डरती है। ऐसे में ये सवाल मन में उठना वाजिब है कि जब लड़कियों को सिक्योरिटी नहीं दे सकते तो किस बात का राष्ट्रीय बालिका दिवस!

खैर इसे हमारे समाज की कड़वी सच्चाई ही कह लें, इसे रोक सकने में हम असमर्थ हो रहे हैं। लेकिन फिर भी भारत के कुछ राज्य ऐसे हैं जहां का प्रशासन और सरकार लड़कियों की सुरक्षा के लिए पुरजोर कोशिशें कर रहा है। आज राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर आंकड़ो सहित आपको उन भारतीय राज्यों के बारे में बताने जा रही हूं जो लड़कियों के लिए सबसे अधिक सुरक्षित बताए गए हैं। 

पिछले साल नवंबर 2017 में प्लान इंडिया की तरफ से जेंडर वल्नरेबिलिटी इंडेक्स (जीवीआई) रिपोर्ट पेश की गई थी, जिसमें भारत के सभी राज्यों को शामिल करते हुए नंबर 1 से आखिर तक की एक लिस्ट जारी की गई थी। इस लिस्ट में सबसे सुरक्षित राज्य को नंबर एक और सबसे असुरक्षित को आखिरी पायदान मिला था। लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर गोवा था। गोवा के बाद क्रमशः केरल, सिक्किम, मिजोरम और मणिपुर महिलाओंके लिए सबसे सुरक्षित राज्य माने गये।आपको जानकार हैरानी होगी कि देश की राजधानी दिल्ली इस लिस्ट में काफी नीचे थी। इस मामले में सबसे खराब स्थिति बिहार की रही। 

लिस्ट में गोवा को टॉप का स्थान मिला, इस शहर का जीवीआई 0.656 था। यह आंकड़ा जीवीआई के नेशनल एवरेज 0.5314 से अधिक था। दूसरे नंबर पर आए केरल राज्य को 0.634 जीवीआई हासिल हुआ। लिस्ट में सबसे नीचे आए राज्य बिहार, जिसे 30वां स्थान मिला, उसका जीवीआई स्कोर 0.410 रहा और भारत की राजधानी दिल्ली 28वें स्थान के साथ 0.436 जीवीआई हासिल कर पाई। यह औसत से काफी कम माना गया। इस स्टडी को कुछ खास पैमानों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया जिनमें महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और सुरक्षा महत्वपूर्ण मुद्दे रहे।

फोटो: फ्लिकर  

टॅग्स :महिलाबेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ
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