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दुनिया की चौथी सबसे बड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था की अब कोई भी नहीं कर सकता उपेक्षा, दादागीरी के आगे झुकने वाला नहीं भारत

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: August 12, 2025 05:17 IST

दुनिया में अब यह बात किसी से छिपी नहीं है कि ट्रम्प को झूठ बोलने में महारत हासिल है, इसलिए उनकी बातों को बहुत गंभीरता से नहीं लिया जाता है.

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ठळक मुद्देभारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है.‘डेड इकोनॉमी’ वाले बयान के लिए ट्रम्प की भारी आलोचना हुई है और लोग इसे ट्रम्प की बड़ी भू-राजनीतिक चूक बता रहे हैं. भारत की अर्थव्‍यवस्‍था को ‘डेड’ बताने वाले बयान को खारिज करते हुए अपनी बात के पक्ष में ठोस आर्थिक आंकड़े दिए थे.

दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके भारत को पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प ने ‘डेड इकोनॉमी’ करार दिया था, जिसे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करारा जवाब दिया है. रविवार को बेंगलुरु में ट्रम्प का नाम लिए बिना मोदी ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और यह रफ्तार ‘सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन’ की भावना से हासिल हुई है. हालांकि दुनिया में अब यह बात किसी से छिपी नहीं है कि ट्रम्प को झूठ बोलने में महारत हासिल है, इसलिए उनकी बातों को बहुत गंभीरता से नहीं लिया जाता है.

खुद अमेरिका में ही ‘डेड इकोनॉमी’ वाले बयान के लिए ट्रम्प की भारी आलोचना हुई है और लोग इसे ट्रम्प की बड़ी भू-राजनीतिक चूक बता रहे हैं. जाने-माने इतिहासकार विलियम डेलरिम्‍पल ने भी ट्रम्प के भारत की अर्थव्‍यवस्‍था को ‘डेड’ बताने वाले बयान को खारिज करते हुए अपनी बात के पक्ष में ठोस आर्थिक आंकड़े दिए थे.

उनका कहना था कि भारत ग्रोथ की दौड़ में अमेरिका से बहुत आगे है. पिछले साल भारत अमेरिका के मुकाबले दोगुनी तेजी से बढ़ा और इस बार वह अमेरिका से तीन गुना ज्‍यादा रफ्तार से बढ़ सकता है. अमेरिका के टॉप व्‍यावसायिक मंच टेस्टबेड के चीफ किर्क लुबिमोव ने भी भारत के खिलाफ ट्रम्प के रुख की आलोचना करते हुए कहा था कि इससे एशिया में अमेरिका के रणनीतिक लक्ष्यों पर बुरा असर पड़ सकता है. चूंकि अमेरिका के साथ भारत के लम्बे समय से मजबूत आर्थिक रिश्ते रहे हैं, इसलिए ट्रम्प द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने के बावजूद भारत अमेरिका के प्रति आक्रामक रुख अपनाने से बच रहा था.

लेकिन अपने देश में विरोध के बाद भी ट्रम्प भारत के प्रति अड़ियल रुख अपनाए हुए हैं, इसलिए उन्हें ठोस शब्दों में जवाब देना जरूरी हो गया है. मोदी ने हालांकि ट्रम्प का नाम नहीं लिया, लेकिन ठोस शब्दों में अमेरिका को संदेश दे दिया है कि भारत किसी की भी दादागीरी के आगे झुकने वाला नहीं है. जो भारत पहले मोबाइल फोन का आयात करता था, वह अब शीर्ष पांच निर्यातकों में शामिल हो गया है.

भारत को अब ‘लो-कॉस्ट हाईटेक स्पेस मिशन’ के लिए जाना जाने लगा है. ‘इंडिया एआई मिशन’ के जरिये भारत वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है और जल्द ही ‘मेड इन इंडिया’ चिप भी तैयार करेगा. जाहिर है कि भारत को कमतर आंकने की भूल भविष्य में ट्रम्प को ही भारी पड़ने वाली है, जबकि नए-नए साझीदारों के साथ भारत तरक्की की राह पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा.   

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