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जयंतीलाल भंडारी का ब्लॉग : कृषि और किसान केंद्रित होगा नया बजट!

By डॉ जयंती लाल भण्डारी | Updated: January 25, 2022 16:15 IST

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ठळक मुद्देकृषि निर्यात की प्रक्रिया के मध्य खराब होने वाले सामान और कृषि पदार्थो की साफ-सफाई के मसले पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।किसानों की गैर कृषि आय बढ़ाने के लिए पशुधन विकास, डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन और बागवानी जैसे क्षेत्नों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। कृषि क्षेत्न में कुशल मानव संसाधनों की जरूरत के मद्देनजर कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान पर आवंटन बढ़ाया जाएगा।

इन दिनों एक फरवरी 2022 को प्रस्तुत किए जाने वाले वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उम्मीद है कि इस नए बजट में वित्त मंत्नी निर्मला सीतारमण खेती और किसानों की हर राह आसान करते हुए दिखाई देंगी। नए बजट में किसानों के सशक्तिकरण और कृषि विकास के विशेष प्रावधान होंगे। इसका संकेत प्रधानमंत्नी नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्नी निर्मला सीतारमण और कृषि मंत्नी नरेंद्र सिंह तोमर के द्वारा कृषि विकास एवं छोटे किसानों के सशक्तिकरण पर जोर दिए जाने संबंधी वक्तव्यों से लगातार उभरकर दिखाई दे रहा है।

उम्मीद है कि कृषि क्षेत्न को प्रोत्साहन के लिए सरकार आगामी 2022-23 के बजट में कृषि ऋण के लक्ष्य को बढ़ाकर 18 से 18.5 लाख करोड़ रुपए कर सकती है। चालू वित्त वर्ष 2021-22 के लिए कृषि ऋण का लक्ष्य 16.5 लाख करोड़ रुपए है। कृषि क्षेत्न में ऊंचे उत्पादन के लिए कर्ज की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। संस्थागत ऋण की वजह से किसान गैर-संस्थागत स्रोतों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेने से भी बच पाते हैं। नए बजट में सरकार फर्टिलाइजर और खाद्य सब्सिडी की आवंटन राशि बढ़ाते हुए दिखाई दे सकती है।

नए बजट में परंपरागत खेती की जगह मांग आधारित खेती को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजना प्रस्तुत की जा सकती है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत अति रियायती दरों पर 6 करोड़ टन से अधिक अनाज राशन प्रणाली के तहत दिए जाने हेतु करीब ढाई लाख करोड़ रुपए से अधिक की व्यवस्था दिखाई दे सकती है। गांवों के विकास की स्वामित्व योजना और ऑपरेशन ग्रीन स्कीम का दायरा बढ़ाए जाने की भी उम्मीद है। नए बजट में पीएम किसान निधि पर 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान दिखाई दे सकता है। जहां किसानों की जमीनों को सुरक्षा देने के लिए पिछले वर्ष तक दिए गए 22 करोड़ सॉयल हेल्ड कार्ड की संख्या नए बजट से बढ़ाई जा सकती है, वहीं देश में 86 प्रतिशत छोटे किसान हैं जिनकी ताकत बढ़ाने के लिए 6850 करोड़ रुपए के खर्च से 10 हजार एफपीओ बनाने का काम नए बजट से गतिशील होते हुए दिखाई दे सकता है।

नए बजट के तहत कृषि विकास की ऊंची उम्मीदों को साकार करने और देश के करोड़ों छोटे किसानों को मुस्कुराहट देने के लिए कई महत्वपूर्ण बातों पर विशेष ध्यान दिखाई दे सकेगा। नए बजट से वर्ष 2022 में देश के कृषि क्षेत्न में खाद्यान्न, तिलहन और दलहन उत्पादन बढ़ाने के और अधिक प्रोत्साहन दिखाई देंगे। फसलों का उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने वाली राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के साथ दलहन व तिलहन की पैदावार के लिए चलाए जा रहे मिशन को आगे बढ़ाया जा सकता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाने वाली सरकारी खरीद के लिए करीब 1.75 लाख करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया जा सकता है। वर्ष 2022-23 के नए बजट में किसानों की आमदनी बढ़ाने के मद्देनजर खाद्य प्रसंस्कृत क्षेत्न को तेजी से आगे बढ़ाने के नए प्रावधान दिखाई दे सकते हैं।

नए बजट में देश से कृषि उत्पादों और मसालों के निर्यात के रिकॉर्ड उत्पादन की संभावनाओं को साकार करने की रणनीति भी आगे बढ़ती हुई दिखाई दे सकती है। कृषि मंत्नी नरेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक सरकार ने नई कृषि निर्यात नीति के तहत ज्यादा मूल्य और मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा दिया है। कृषि निर्यात की प्रक्रिया के मध्य खराब होने वाले सामान और कृषि पदार्थो की साफ-सफाई के मसले पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। चालू वित्त वर्ष 2021-22 में कृषि निर्यात के अधिक रणनीतिक प्रयासों के कारण निर्यात बढ़कर 43 अरब डॉलर के स्तर को भी पार करते हुए दिखाई दे सकता है और वर्ष 2022-23 में कृषि निर्यात 50 से 60 अरब डॉलर के मूल्य स्तर तक पहुंच सकता है।

यद्यपि एक दिसंबर 2021 को तीन कृषि कानून राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर के बाद औपचारिक रूप से वापस हो गए हैं लेकिन कृषि कानून वापस होने के बाद अब कृषि की विकास दर बढ़ाने और छोटे किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि सुधारों की जरूरत बनी हुई है। किसानों की गैर कृषि आय बढ़ाने के लिए पशुधन विकास, डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन और बागवानी जैसे क्षेत्नों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उम्मीद है कि नए बजट से इस दिशा में आगे बढ़ा जाएगा और घरेलू किसानों को आधुनिक तकनीक मुहैया करने के लिए नई व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

कृषि क्षेत्न में कुशल मानव संसाधनों की जरूरत के मद्देनजर कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान पर आवंटन बढ़ाया जाएगा। प्राकृतिक खेती को उच्च प्राथमिकता दी जाएगी। कृषि फसलों के एमएसपी बढ़ाए जाने की नई रूपरेखा तैयार की जाएगी। किसानों को लाभान्वित करने के लिए पीएम आशा और भावांतर भुगतान जैसी योजनाएं लागू की जाएंगी। ऊंचे दाम वाली विविध फसलों के उत्पादन को विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे और छोटे किसानों के जनधन खातों में अधिक नकदी हस्तांतरण से उनकी आमदनी में वृद्धि जैसे कदमों की घोषणा भी नए बजट में की जाएगी।

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