जंगल या पेड़ वातावरण में कार्बन की मात्रा को संतुलित करने भर का काम करते हैं, वे न तो कार्बन को संचित करते हैं और न ही उसका निराकरण। दो दशक पहले कनाडा में यह सिद्ध हो चुका था कि वहां के जंगल उल्टे कार्बन उत्सर्जित कर रहे थे। ...
यह हमारे लिए चिंता की बात है कि देश के एक-चौथाई हिस्से पर आने वाले सौ साल में मरुस्थल बनने का खतरा आसन्न है। अंधाधुंध सिंचाई व जमकर फसल लेने के दुष्परिणाम की बानगी पंजाब है, जहां दो लाख हेक्टेयर जमीन देखते ही देखते बंजर हो गई। ...
देश में विकास का पैमाना ही जब सड़क, पक्के निर्माण, ब्रिज आदि हो गए हैं और इन पर बेशुमार धन व्यय भी हो रहा है, तो फिर इनके निर्माण गुणवत्ता पर लापरवाही क्यों हो रही है? ...
पत्थरों की चोरी की शिकायत हरियाणा के सभी जिलों में है. खनन माफिया की नजर दक्षिण हरियाणा में अरावली पर्वत श्रृंखला पर है लेकिन सबसे अधिक ध्यान गुरुग्राम, फरीदाबाद एवं नूंह इलाके पर है. ...
अप्रत्याशित रूप से धरती पर बढ़ते तापमान और उसके चलते तेजी से पिघलते ग्लेशियरों की वजह से समुद्र में जलस्तर बढ़ रहा है. आलम ये है कि अब सागर अपनी सीमाओं को तोड़ कर तेजी से बस्ती की ओर बढ़ रहा है. ...
भूस्खलन और नदी के किनारे मिट्टी का कटाव पूर्वोत्तर राज्यों के लिए भयानक है। सदियों पहले नदियों के साथ बहकर आई मिट्टी से निर्मित असम राज्य अब इन्ही व्यापक जल-श्रृंखलाओं के जाल में फंसकर बाढ़ व भूमि कटाव के श्राप से ग्रस्त है। ...
असम में प्राकृतिक संसाधन, मानव संसाधन और बेहतरीन भौगोलिक परिस्थितियां होने के बावजूद यहां का समुचित विकास न होने का कारण हर साल पांच महीने ब्रह्मपुत्र का रौद्र रूप होता है जो पलक झपकते ही सरकार व समाज की सालभर की मेहनत को चाट जाता है। ...
भारत दुनिया में सर्वाधिक प्याज पैदा करने वाला दूसरा देश है. चीन पहले स्थान पर है. अनुमान है कि हर साल हमारे देश में 70 लाख टन से अधिक प्याज खराब हो जाता है जिसकी कीमत 22 हजार करोड़ रु. होती है. ...