मेरा नाम आजाद है और मैं पिछले कुछ सालों से ही मीडिया से जुड़ा हूं। किसी खास सेक्टर में ज्यादा अनुभव नहीं है, फिर भी हर तरह की खबरें बना लेता हूं। वैसे नई चीजें सीखना काफी पसन्द है...ये कह लीजिए कि बुरी आदत है। बाई नेचर परोपकारी हूं....ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों की हेल्प करना मन को भाता है। बाकी नाम से तो समझ ही गए होंगे कि कोई भी चीज या लोग मुझे बांध कर रख नहीं सकते। जीवन के सफर में स्टीव जॉब्स के इस कोट को फॉलो करने की कोशिश करता हूं- Stay Hungry Stay Foolish.Read More
जानकारों की माने तो किसी भी सीजन में हर रोज नहाना सही नहीं है, खासतौर पर सर्दियों में इससे बहुत परहेज करना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसा करने वालों को स्किन से जुड़ी समस्या हो सकती है और इससे उन्हें इंफेक्शन भी होने का खतरा बना रहता है। ...
जानकारों की माने तो अमरूद की तरह अमरूद का छिलका भी सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है और यह टेस्ट में भी बेस्ट होता है। लोग अमरूद के छिलके को फ्राइज के रूप में भी तैयार करते इसे काफी पसंद से खाते है। ...
जानकारों की माने तो नमक जितनी ही जल्दी खाना को टेस्टी बनाता है उतनी ही तेजी से ये आपके हेल्थ खराब भी करता है। ऐसे में जानकार इसे संतुलित मात्रा में इस्तेमाल करने की सलाह देते है। ...
बताया जा रहा है कि इससे पहले मिड डे मील को लेकर काफी शिकायतें आ रही थी, ऐसे में सरकार ने मिड डे मील में चिकन और मौसमी फलों को शामिल कर इन शिकायतों को दूर करने की कोशिश की है। ...
कोर्ट ने टैटू कलाकार को दोषी पाया है और उस पर 30 लाख रूपए से भी ज्यादा का जुर्माना लगाया है। ऐसे में महिला का दावा है कि आरोपी ने अपने बारे में गलत जानकारी देकर उसकी आंखों का टैटू किया था। ...
जानकारी के अनुसार, डॉ. राम मनोहर लोहिया लॉ यूनिवर्सिटी द्वारा केवल बाहर से खाना मंगवाने को लेकर ही जुर्माना नहीं लगाया गया है बल्कि हॉस्टल में एसी और हीटर के इस्तेमाल पर भी फाइन लगाई गई है। ...
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेजन में पिछले साल नवंबर से ही छंटनी चल रही है। दावे के मुताबिक, यह छंटनी डिवाइस डिवीजन में चली है। ऐसे में अब यह दावा किया जा रहा है कि इस महीने भी यहां छंटनी होगी। ...
चीन में बढ़ते केस के मद्देनजर यह सवाल हर किसी के मन में उठ रहा है कि क्या भारत में आ रही है कोरोना की तीसरी लहर? ऐसे में इन सवालों का जवाब लिए हमारी टीम ने जाने-माने डॉ. रवि गोडसे से बात की है। आइए सुनते है डॉ. रवि गोडसे से और जानने की कोशिश करते है ...