लाइव न्यूज़ :

सूडान संकट: भारतीयों को सूडान से निकालना अब होगा आसान, युद्ध लड़ रही सेनाओं ने 72 घंटों के लिए युद्धविराम का किया ऐलान

By अंजली चौहान | Updated: April 25, 2023 11:02 IST

15 अप्रैल से छिड़े युद्ध के कारण आम जनता को काफी परेशानी हो रही है। युद्ध के कारण अस्पतालों और अन्य सेवाओं को बंद कर दिया गया।

Open in App
ठळक मुद्देसूडान में युद्ध के कारण स्थिति बहुत खराब हो गई है इस बीच युद्ध लड़ रही सेनाओं ने युद्धविराम का किया ऐलान करीब 72 घंटों के लिए युद्धविराम का हुआ ऐलान

खार्तूम: संकटग्रस्त सूडान में युद्ध कर रही दोनों सेनाओं ने अमेरिका और सऊदी अरब द्वारा मध्यस्थता किए जाने के बाद 72 घंटों के लिए युद्धविराम पर सहमति बना ली है।

सेना के युद्धविराम के फैसले के बाद भारत और अन्य देशों को अपने नागरिकों को निकालने में आसानी हो रही है। इस बीच अमेरिकी विदेशी मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने ट्वीट के जरिए जानकारी साझा की है।

उन्होंने लिखा कि गहन बातचीत के बाद सूडानी सशस्त्र बल (एसएएफ) और रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) 24 अप्रैल की आधी रात से शुरू होने वाले 72 घंटे के राष्ट्रव्यापी संघर्ष विराम को लागू करने और बनाए रखने पर सहमत हुए हैं।

हम शत्रुता और मानवीय व्यवस्थाओं की स्थायी समाप्ति के लिए भागीदारों और हितधारकों के साथ काम करने की उनकी प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं। 

इस युद्ध विराम के बाद भारत के लिए अपने नागरिकों को निकालना आसान हो गया है क्योंकि भारत ने अपने सूडान में फंसे नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन कावेरी शुरू किया है। 

गौरतलब है कि युद्धविराम को लेकर सूडान सशस्त्र बल और आरएसएफ द्वारा जानकारी दी गई और कहा गया कि नागरिकों के लिए स्थिति सुविधाजनक बनाने के लिए और उन्हें जरूरी सुविधाओं, अस्पतालों और सुरक्षित क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए युद्धविराम करने के लिए सहमति जताई गई है। 

युद्ध के कारण दर्जनों लोगों की मौत 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सूडान में दोनों सेनाओं के बीच छिड़े युद्ध के कारण पिछले 10 दिनों में कम से कम 427 लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही 3,700 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं।

15 अप्रैल से छिड़े युद्ध के कारण आम जनता को काफी परेशानी हो रही है। युद्ध के कारण अस्पतालों और अन्य सेवाओं को बंद कर दिया गया और आवासीय क्षेत्रों को युद्ध क्षेत्रों में बदल दिया गया।

देश की राजधानी खार्तूम में लाखों लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं और उनके पास भोजन और पानी की कमी है। 

टॅग्स :सूडानभारतमोदी सरकारAntony Blinken
Open in App

संबंधित खबरें

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

भारतमाफ कीजिए मुनिश्रीजी, आप गलत बोल गए

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स

विश्व अधिक खबरें

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल

विश्वअमेरिका-इजरायल के वार बेअसर? हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइल क्षमता बरकरार: रिपोर्ट

विश्वNASA Artemis II: पृथ्वी पीछे छूटी, लक्ष्य सामने! मानव इतिहास में पहली बार आर्टेमिस II 'वहां' जाने की तैयारी, जहां कोई नहीं पहुंचा

विश्वकौन कहता है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता!