लाइव न्यूज़ :

श्रीलंका को तालिबान शासन को मान्यता नहीं देनी चाहिए : विक्रमसिंघे

By भाषा | Updated: August 20, 2021 12:37 IST

Open in App

श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने सरकार को अफगानिस्तान में तालिबान के शासन को मान्यता देने को लेकर आगाह किया और काबुल के साथ संबंध तोड़ने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि इस बात पर फिर से विचार करना चाहिए कि क्या देश को क्षेत्र में अपना सिर उठाने वाले "आतंकवाद की मदद करने वाली पार्टी" होना चाहिए। बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में, चार बार प्रधानमंत्री रहे विक्रमसिंघे ने कहा, “सभी को डर है कि तालिबान शासन के तहत अफगानिस्तान जिहादी आतंकवादी समूहों का केंद्र बन जाएगा।” विक्रमसिंघे ने कहा, “राज्यों और लोगों को धमकाने के लिए उनकी कार्रवाई को कोई भी माफ नहीं कर सकता। कुरान की गलत व्याख्या पर आधारित उनकी विचारधारा पारंपरिक इस्लामी राज्यों और अन्य देशों के लिए खतरा है।” उन्होंने कहा, “तालिबान शासन को मान्यता देने के लिए हमारे पास कोई उचित कारण नहीं हैं।” विक्रमसिंघे ने वहां श्रीलंका दूतावास को बंद किए जाने की ओर इशारा करते हुए अफगानिस्तान के साथ कूटनीतिक संबंध तोड़ने की वकालत की। उन्होंने कहा "हमें मध्य एशियाई देश में एक दूतावास की आवश्यकता है, यह कहीं और स्थित हो सकता है।” विक्रमसिंघे ने याद किया कि तालिबान ने अफगानिस्तान में बामियान बौद्ध मूर्ति को नष्ट कर दिया था। तालिबान द्वारा 2001 में विशाल प्रतिमाओं को नष्ट करने की व्यापक अंतरराष्ट्रीय निंदा हुई थी । निंदा करने वाले देशों में श्रीलंका भी शामिल था जहां बौद्ध धर्म प्रमुख धर्म है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वश्रीलंका ऊपर से शांत, पर जनता में असंतोष बरकरार, श्रीलंका के पूर्व मंत्री डॉ. विजयदासा राजपक्षे

भारतसंविधान की रक्षा में अधिवक्ताओं की भूमिका

क्रिकेटश्रीलंकाई क्रिकेटरों की गंदी हरकत, निजी होटल के बाथरूम में चुपके से बना रहे थे महिला डॉक्टरों का वीडियो, हुए गिरफ्तार

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

विश्व'धन्यवाद भारत': पश्चिम एशिया संकट के बीच श्रीलंका को भारत से 38,000 मीट्रिक टन ईंधन मिला, राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने जताया आभार

विश्व अधिक खबरें

विश्व'कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं': भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने खींची आतंकवाद पर रेखा

विश्वप्रेस फ्रीडम पर पीएम मोदी के ‘सवाल टालने’ पर नॉर्वेजियन पत्रकारों के साथ MEA की तीखी बहस, विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) कहा- "बताता हूँ भारत क्या है" | WATCH

विश्वकतर, सऊदी अरब और यूएई के अनुरोध पर ईरान पर हमला नहीं किया, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा-युद्ध में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान पर कोई बात नहीं

विश्वयुद्ध के बादल छंटे? डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को रोका, तेहरान के साथ 'बड़ी बातचीत' का किया दावा

विश्वडार्विन, लिंकन, मार्क्स और समानता का साझा सिद्धांत