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राष्ट्रपति बाइडन ने अमेरिका में बढ़ती बंदूक हिंसा को रोकने की शुरुआती योजना सामने रखी

By भाषा | Updated: April 9, 2021 17:38 IST

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वाशिंगटन, नौ अप्रैल (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने देश में बढ़ती बंदूक हिंसा को “महामारी” और “अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी” घोषित करते हुए देसी हथियारों को नियमित करने के कदमों की रूपरेखा तैयार की है और हमले में प्रयुक्त होने वाले हथियारों पर काफी समय पहले समाप्त हो चुके प्रतिबंधों को नये सिरे से दोबारा लागू करने को लेकर संसद पर दबाव बनाया है।

पूरे अमेरिका में गोलीबारी की कई घटनाओं के बाद कार्रवाई को लेकर बनाए जा रहे अत्यधिक दबाव के मद्देनजर बाइडन ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस कार्रवाई करे या न करे, वह अमेरिकी लोगों को बंदूक हिंसा से सुरक्षित रखने के लिए राष्ट्रपति के तौर पर उनके नियंत्रण वाले सभी उपाय करेंगे।

बाइडन ने कहा कि संसद के सदस्यों ने कई विचार दिए एवं इच्छा जाहिर की है लेकिन उन्होंने बंदूक हिंसा को घटाने के एक भी नये संघीय कानून को पारित नहीं किया है। बाइडन ने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, सख्त बंदूक कानूनों के हिमायतियों, सांसदों की उपस्थिति में व्हाइट हाउस रोज गार्डन में कहा, “बहुत हो गई प्रार्थनाएं, अब कार्रवाई करने का वक्त है।”

बाइडन के संबोधन के कुछ घंटों बाद एक बंदूकधारी ने टेक्सास की दुकान में एक व्यक्ति की हत्या कर दी और पांच अन्य घायल हो गए।

बुधवार को, दक्षिण कैरोलिना में दो बच्चों समेत पांच लोगों की गोलीबारी में मौत हो गई थी।

राष्ट्रपति ने कहा, “इस देश में हर दिन, 316 लोगों को गोली मार दी जाती है। हर दिन। इनमें 106 लोगों की हर दिन मौत होती है। हमारा झंडा जॉर्जिया में आठ मुख्य रूप से एशियाई अमेरिकी लोगों की भयंकर हत्या के बाद आधा झुका है जब कोलोराडो में 10 और लोगों की सामूहिक हत्या कर दी गई।”

उन्होंने कहा लेकिन एक हफ्ते से भी कम अंतराल पर घटी इन दो घटनाओं के बीच गोलीबारी की 850 से अधिक घटनाएं हुईं जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की जान गई और 500 घायल हुए हैं।

बाइडन ने कहा, “यह एक महामारी है और ईश्वर के लिए इसे रोकना होगा।”

राष्ट्रपति ने कहा, “इस देश में बंदूक हिंसा एक महामारी है और यह अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी है।”

बाइडन ने न्याय मंत्रालय से घरों में बनने वाली उन बंदूकों के प्रसार को रोकने के लिए प्रस्तावित नियम जारी करने को कहा है जिनमें कोई क्रमांक संख्या नहीं होती है।

इन बंदूकों पर क्रमांक संख्या न होने की वजह से इनका पता लगाना मुश्किल होता है और जो अक्सर जांच के बिना खरीदी जाती है।

इसके अलावा न्याय मंत्रालय से पिस्तौल स्थिर करने वाली वस्तुओं जिनकी मदद से एक हाथ से बंदूक चलाई जा सकती है, उनपर भी नियमनों को सख्त बनाने के नियमों का मसौदा तैयार करने को कहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये वस्तुएं बंदूकधारी को ज्यादा सटीक निशाना लगा पाने और पीछे हटने में मदद करती हैं।

न्याय मंत्रालय को ‘लाल झंडा कानून’ बनाने को भी कहा गया है जिसका राज्य अपना खुद का कानून बनाने में प्रयोग कर सकते हैं। ये कानून अदालतों एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों को उन लोगों से बंदूकें ले लेने का अधिकार देती है जो किसी समुदाय के लिए खतरा हो सकते हैं।

बाइडन ने पूर्व संघीय आग्नेय अस्त्र एजेंट और बंदूक नियंत्रण समूह गिफर्ड्स के सलाहकार डेविड चिपमैन को अमेरिकी शराब, तंबाकू, आग्नेय अस्त्र और विस्फोटक ब्यूरो में नामित करने की भी घोषणा की।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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