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पाकिस्तान अपने JF-17 लड़ाकू विमान को परमाणु हथियारों से लैस कर रहा है, रिपोर्ट में खुलासा, जानिए भारत की तैयारी

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: July 3, 2024 14:56 IST

फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने RAAD-II ALCM मिसाइल को फिर से डिजाइन किया है। JF-17 थंडर को चीन में FC-1 जियाओलोंग भी कहा जाता है। यह एक हल्का, एकल इंजन वाला लड़ाकू विमान है।

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ठळक मुद्देपाकिस्तान अपने JF-17 लड़ाकू विमान को परमाणु हथियारों से लैस कर रहा हैफेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स की रिपोर्ट में कहा गया है इसे पाकिस्तान और चीन ने मिलकर विकसित किया था

नई दिल्ली: पाकिस्तान अपने JF-17 लड़ाकू विमान को परमाणु हथियारों से लैस कर रहा है। इस विमान को चीन और पाकिस्तान ने मिल कर बनाया है। हाल ही में सामने आई एक तस्वीर में  पाकिस्तान के JF-17 को सामरिक परमाणु मिसाइलों से लैस दिखाया गया है। एक अमेरिकी रिपोर्ट में इसकी पुष्टि भी की गई है।

2023 में किए गए  फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) के एक विश्लेषण के अनुसार , इन तस्वीरों से पता चलता है कि पाकिस्तान की एकमात्र परमाणु-सक्षम एयर-लॉन्च क्रूज़ मिसाइल को अब JF-17 जेट के साथ जोड़ा गया है। इससे पहले मिराज विमानों पर ये मिसाइल तैनात थी। पाकिस्तानी मिसाइल  RA'AD का परीक्षण  पहली बार 2007 में परीक्षण किया गया था। यह पारंपरिक और परमाणु हथियार दोनों को ले जाने में सक्षम है।

पाकिस्तान अपने पुराने मिराज विमानों को रिटायर करने की योजना बना रहा है। इसके बाद  JF-17 इसकी वायु-परमाणु रक्षा के लिए मुख्य विमान बन जाएगा। पाकिस्तान अपने JF-17 को अपग्रेड करने पर काम कर रहा है ताकि मिराज की जगह पर इसे रमाणु हमले की भूमिकाओं में इस्तेमाल किया जा सके।

फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने RAAD-II ALCM मिसाइल को फिर से डिजाइन किया है।  इसके उद्देश्य या क्षमताओं के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। बता दें कि JF-17 थंडर को चीन में FC-1 जियाओलोंग भी कहा जाता है। यह एक हल्का, एकल इंजन वाला लड़ाकू विमान है। इसे पाकिस्तान और चीन ने मिलकर विकसित किया था। JF-17 लगभग 49 फीट लंबा है, इसके पंखों का फैलाव 31 फीट है और इसकी ऊंचाई 15.6 फीट है। यह अधिकतम 28,000 पाउंड वजन के साथ उड़ान भर सकता है।यह कई प्रकार के हथियार ले जा सकता है। यह PL-5, PL-9 और SD-10 जैसी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का उपयोग कर सकता है। हवा से जमीन पर मार करने वाले मिशनों के लिए, यह बिना निर्देशित बम, लेजर-निर्देशित बम और जहाज-रोधी मिसाइलें लॉन्च कर सकता है। विमान में 23 मिमी जीएसएच-23-2 ट्विन-बैरल गन भी है। इसकी स्पीड लगभग 2,037 किलोमीटर प्रति घंटा है।

परमाणु हथियारों की होड़ में भारत और पाकिस्तान के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है। भारत द्वारा अपनी अग्नि मिसाइलों के कई सफल परीक्षण करने के बाद पाकिस्तान अबाबील मिसाइल विकसित कर रहा है। भारत पूरे चीन को कवर करने के लिए अपनी मिसाइल रेंज का विस्तार करने के लिए काम कर रहा है। पाकिस्तान ने सामरिक परमाणु हथियारों में भारी निवेश करते हुए अपनी परमाणु रणनीति भारत पर केंद्रित की है। 

दो फ्रंट पर खतरे को देखते हुए भारत अपनी परमाणु नीति में बदलाव कर सकता है। परंपरागत रूप से, भारत के परमाणु हथियारों को शांतिकाल के दौरान उनके लॉन्चरों से अलग रखता है। लेकिन बदली हुई परिस्थितियों में शांतिकाल में भी हथियार और लांचर को एक साथ रखने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। भारत फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमानों को भी अग्रिम मोर्चों पर तैनात कर रहा है जो परमाणु मिसाइल ले जा सकते हैं।

टॅग्स :पाकिस्तानभारतचीनAir Forceराफेल फाइटर जेट
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