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South korea-north korea: किम जोंग उन की बहन ने दी धमकी, अंतर-कोरियाई संपर्क कार्यालय ध्वस्त, दोनों देश में तनाव बढ़ा

By भाषा | Updated: June 16, 2020 15:24 IST

दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया पर एक अंतर-कोरियाई संपर्क कार्यालय को ध्वस्त करने का आरोप लगाया है। दोनों देश में फिर से दुश्मनी बढ़ने की संभावना है।

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ठळक मुद्देडोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ परमाणु वार्ता रुकने के बाद से अपने चिर प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया पर लगातार दबाव बनाना जारी रखे हुए है। किम जोंग उन की शक्तिशाली बहन भी कह चुकी हैं कि किसोंग में सीमा से लगते हुए क्षेत्र में 'बेकार' पड़े अंतर-कोरियाई ‘संपर्क कार्यालय’ को खत्म कर दिया जाए। अभी स्पष्ट नहीं है कि उत्तर कोरिया की सेना क्या करेगी लेकिन उसका यह धमकी देना जारी है।

सियोलः उत्तर कोरिया ने मंगलवार को अपनी सीमा के भीतर अंतर-कोरियाई संपर्क कार्यालय की इमारत को ध्वस्त कर दिया और दक्षिण कोरिया के साथ सभी संचार माध्यम काटने की भी पुष्टी कर दी। उत्तर कोरिया के इस कदम के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ गया है।

प्योंगयांग की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने कहा कि उत्तर कोरिया ने ‘‘लोगों के मन में बसे मैल को निकालने के लिए और जिन लोगों ने इस मैल को आश्रय दिया है, उनके अपराधों की बड़ी कीमत चुकाने के मकसद से” इस कार्यालय को ध्वस्त किया है। एजेंसी का इशारा उन लोगों की तरफ था जो उत्तर कोरिया छोड़कर दूसरी तरफ चले गए हैं और सीमा पार से प्योंगयांग के खिलाफ गुब्बारों पर चिपकाकर पर्चे भेजते हैं।

दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया के सीमावर्ती कस्बे केसोंग में स्थित उस भवन को स्थानीय समयानुसार दोपहर दो बजकर 49 मिनट पर ध्वस्त कर दिया गया। हालांकि उसने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। समाचार एजेंसी योन्हाप की ओर से जारी तस्वीरों में भवन के एक कॉम्पलेक्स से धुआं उठता दिख रहा है। एजेंसी ने कहा कि यह इलाका अब बंद हो चुके औद्योगिक पार्क का हिस्सा है। यहीं पर संपर्क कार्यालय स्थित है। केसीएनए ने भी इस बारे में विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया है कि कार्यालय को ध्वस्त कैसे किया गया लेकिन कहा कि इसे “बड़े विस्फोट के साथ बुरी तरह तबाह किया गया।”

अमेरिका से छूट पाने में विफल रहने पर दक्षिण कोरिया पर दबाव बनाने का लंबा रिकॉर्ड रखने वाले उत्तर कोरिया ने हाल के हफ्तों में बार-बार दक्षिण कोरिया पर आक्रोश जाहिर किया है जिसने द्विपक्षीय संबंधों को मानने से इनकार किया है और दल बदलुओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा पर्चे भेजे जाने को रोकने में अक्षम रहा है। कार्यालय को ध्वस्त किए जाने से कुछ घंटे पहले उत्तर कोरिया की सेना ने उन क्षेत्रों में प्रवेश की चेतावनी दी थी जिनका अंतर-कोरियाई शांति समझौतों के तहत विसैन्यकरण किया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह भूमि और समुद्री सीमाओं के पास दक्षिण कोरिया के लिए सुरक्षा के खतरे पैदा कर सकता है। 

परमाणु वार्ता रुकने के बाद से अपने चिर प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया पर लगातार दबाव बनाना जारी रखे हुए है

दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया पर एक अंतर-कोरियाई संपर्क कार्यालय को ध्वस्त करने का आरोप लगाया है। दोनों देश में फिर से दुश्मनी बढ़ने की संभावना है। उत्तर कोरिया की सेना ने मंगलवार को उन क्षेत्रों में वापस लौटने की धमकी दी है जिसे अंतर-कोरियाई शांति समझौते के तहत असैन्य क्षेत्र घोषित किया गया है।

उत्तर कोरिया अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ परमाणु वार्ता रुकने के बाद से अपने चिर प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया पर लगातार दबाव बनाना जारी रखे हुए है। कोरियन पीपल्स आर्मी के जनरल स्टाफ ने कहा कि जिन क्षेत्रों को दक्षिण कोरिया के साथ समझौते के बाद असैन्य क्षेत्र बनाया गया था, उन अनिर्दिष्ट सीमावर्ती क्षेत्रों में आगे बढ़ने की सत्तारूढ़ पार्टी की सिफारिशों की सेना समीक्षा कर रही है।

इससे पहले उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की शक्तिशाली बहन भी कह चुकी हैं कि किसोंग में सीमा से लगते हुए क्षेत्र में 'बेकार' पड़े अंतर-कोरियाई ‘संपर्क कार्यालय’ को खत्म कर दिया जाए और ‘दुश्मन’ दक्षिण कोरिया के साथ आगे का निर्णय सेना करे।

हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि उत्तर कोरिया की सेना क्या करेगी लेकिन उसका यह धमकी देना जारी है कि वह सीमा पर तनाव कम करने के लिए 2018 में हुए द्विपक्षीय सैन्य समझौते से अपने हाथ पीछे खींच सकती है। उत्तर कोरिया ने हाल के महीनों में एक हद तक दक्षिण कोरिया के साथ सभी तरह के सहयोग को यह कहते हुए खत्म कर दिया है कि वाशिंगटन के साथ परमाणु समझौते में प्रगति नहीं हो रही है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई-इन ने सोमवार को कहा था कि उत्तर कोरिया को दुश्मनी को बढ़ावा देना बंद करके बातचीत करनी चाहिए और किसी को भी शांति समझौते से पीछे नहीं हटना चाहिए।

द कोरिया के राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया से तनाव को और अधिक नहीं बढ़ाने की अपील की

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया से सोमवार को दुश्मनी को और नहीं बढ़ाने और बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की। राष्ट्रपति मून जेई-इन ने यह भी कहा कि दोनों देशों को उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ उनकी 2018 में शिखर वार्ता के दौरान हुए शांति समझौते से पीछे नहीं हटना चाहिए।

बढ़ती दुश्मनी को कम करने के लिए मून जेई-इन की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को संपर्क कार्यालय को तोड़ने और दक्षिण कोरिया के खिलाफ सैन्य कदम उठाने की धमकी दी थी। अगर संपर्क कार्यालय को तोड़ दिया जाता है तो यह सुलह और उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे का बातचीत के जरिए समाधान निकालने के मून के प्रयास को तड़का झटका होगा।

मून के दफ्तर ने बताया कि राष्ट्रपति ने शीर्ष सलाहकारों की बैठक के दौरान, कहा कि उत्तर कोरिया को संचार के माध्यमों को नहीं तोड़ना चाहिए और तनाव पैदा कर टकराव के पहले वाले दौर पर लौटना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें उन शांति संकल्पों से पीछे नहीं हटना चाहिए जो 2018 में दो शिखर सम्मेलनों में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और उन्होंने लिए थे। मून एक उदारवादी नेता हैं। वह 2018 में किम जोंन उन से दो बार मिले थे।

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