तेहरानः ईरान में महिलाएं हिजाब की अनिवार्यता को लेकर बने कानून के खिलाफ सड़कों पर उतर आई हैं। इस कानून के तहत महिलाओं के लिए हर हाल में सार्वजनिक स्थानों पर अपने बालों को ढंक कर रखना अनिवार्य है। इसके विरोध में युवा महिलाएं सोशल मीडिया पर बिना हिजाब, खुले बालों के साथ वीडियो पोस्ट कर रही हैं जिसका युवा पुरुषों ने भी समर्थन किया है।
ईरान की महिला पत्रकार और समाजिक कार्यकर्ता मसीह अलीनेजादी ने इस विद्रोह से जुड़े कई वीडियो अपने ट्विटर खाते पर साझा किए हैं। एक वीडियो में एक ईरानी पुरुष कथित तौर पर अपनी पत्नी का हिजाब हवा में लहराकर महिलाओं की आवाज को समर्थन देता दिखाई दे रहा है। मसीह ने बिना हिजाब के एक वीडियो भी पोस्ट किया है जिसमें वह लोगों से इस कानून के खिलाफ आगे आने और इस आंदोलन से जुड़ने की अपील करती दिखीं।
इस वीडियो में वह कहती हैं, जैसा कि हमने वादा किया था! हम अपना हिजाब हटाते हैं और मुझे उम्मीद है कि हर कोई हमसे जुड़ेगा। महिलाओं को हिजाब पहनने के लिए मजबूर करना ईरानी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। यह तालिबान, आईएसआईएस और इस्लामी गणराज्य की संस्कृति है। अब बहुत हो गया है। #No2Hijab।
सोशल मीडिया पर #No2Hijab हैशटैग ट्रेंड कर रहा
सोशल मीडिया पर #No2Hijab हैशटैग ट्रेंड कर रहा है। लोग बिना हिजाब के वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं। एक वीडियो में ईरानी शहर शाहसावर में एक ईरानी महिला अनिवार्य हिजाब के विरोध में सार्वजनिक रूप से अपना हिजाब हटाकर उसे हवा में लहराते दिखी। इस दौरान सुरक्षाबलों ने उसे पकड़ने का प्रयास किया और अपनी गाड़ी तक ले गए। हालांकि उन्हें शहर के निवासियों के प्रतिरोध का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी कट्टर स्वभाव के हैं जो मौलवी भी हैं। उन्हे देश के बहुत ही रूढ़िवादी धार्मिक अभिजात वर्ग द्वारा समर्थित भी हासिल है। रायसी के हिजाब नियमों को लेकर देश के ज्यादातर युवा उनके खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। युवाओं ने कानून को "इस्लामिक समाज में नैतिक भ्रष्टाचार का एक संगठित प्रचार" करार दिया है। महिलाएं हिजाब से आजादी चाहती हैं।
विद्रोह को कूचलने में लगी अथॉरिटी
उधर, विद्रोह कर रहे लोगों पर अधिकारी नकेल कस रहे हैं। ईरानी महिलाओं के नो टू हिजाब के विरोध में मंगलवार को अधिकारियों ने "हिजाब और पवित्रता" दिवस के रूप में मनाया। तेहरान के एक फुटबॉल स्टेडियम में एक बड़ी रैली का आयोजन किया गया जिसमें महिलाओं को हिजाब नियम का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कानून को लेकर कुछ क्षेत्र दूसरों की तुलना में अधिक उदार हैं
ईरानी सुरक्षा बलों ने हाल के महीनों में सख्त ड्रेस कोड को मजबूत करने के लिए पूरे ईरान में अपनी पुलिस गश्त बढ़ा दी है। पिछले वर्ष रईसी सत्ता में आए थे और तब से हिजाब को लेकर नए नियम आए हैं। नए नियमों के तहत गलत तरीके से हिजाब पहनने वाली महिलाओं को सरकारी ऑफिस, बैंक और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में एंट्री नहीं दी जाती है। हालांकि अलग-अलग प्रांतों में इस कानून के पालन में भिन्नता आ जाती है। धार्मिक मशहद और कोम प्रांतों में महिलाओं की कड़ी निगरानी की जाती है। यहां हिजाब अनिवार्य है, जबकि तेहरान या शिराज में अक्सर पूरे सिर को ढके बिना महिलाएं कार्यक्रमों में भाग ले सकती हैं।
चार दशकों से हिजाब का पालन कर रहीं ईरानी महिलाएं
ईरानी महिलाओं ने पिछले चार दशकों से इस्लामी हिजाब शासन का पालन किया है, क्योंकि इसे 1979 में इस्लामी क्रांति के बाद अनिवार्य किया गया था। लोगों ने रंगीन कपड़े पहनने और अपने कुछ बाल दिखाने के कानूनों की सीमा के आसपास के तरीके खोजे हैं। धार्मिक विद्वान लंबे समय से इस बारे में चिंतित हैं और कह रहे हैं कि वे इस्लामी गणतंत्र के "पवित्रता और हिजाब" मार्गदर्शन के सिद्धांतों का उल्लंघन कर रहे हैं।