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'मेरे पिता और अन्य शहीदों का घोर अपमान किया गया': शेख हसीना ने बांग्लादेश हिंसा पर तोड़ी चुप्पी

By रुस्तम राणा | Updated: August 13, 2024 21:29 IST

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रूप में शेख हसीना का 15 साल का कार्यकाल 5 अगस्त को उनके इस्तीफे और देश से चले जाने के बाद अचानक समाप्त हो गया। यह निर्णय उनकी सरकार के खिलाफ बढ़ते हिंसक विरोध के बीच लिया गया। फिलहाल हसीना के भारत में सुरक्षित स्थान पर होने की खबर है।

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ठळक मुद्देहसीना ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद से उन्हें हटाने के पीछे की ताकतों पर निशाना साधाहसीना ने कहा, उन्होंने लाखों शहीदों के खून का अपमान किया हैबांग्लादेश की पूर्व पीएम ने कहा, मैं देशवासियों से न्याय चाहती हूं

नई दिल्ली: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश छोड़ने के बाद मंगलवार को अपना पहला बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने अवामी लीग के खिलाफ तख्तापलट को अपने पिता, बांग्लादेश के संस्थापक राष्ट्रपति बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान और देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले कई शहीदों का घोर अपमान बताया। हसीना ने अपने बेटे साजिब वाजेद के माध्यम से जारी बयान में कहा, "राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान, जिनके नेतृत्व में हमने एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में आत्म-सम्मान प्राप्त किया, आत्म-पहचान प्राप्त की और एक स्वतंत्र देश प्राप्त किया, उनका घोर अपमान किया गया है।"

हसीना ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद से उन्हें हटाने के पीछे की ताकतों पर निशाना साधते हुए कहा, "उन्होंने लाखों शहीदों के खून का अपमान किया है। मैं देशवासियों से न्याय चाहती हूं।" इसके अलावा, अवामी लीग प्रमुख ने बांग्लादेशी नागरिकों से शेख मुजीबुर रहमान की हत्या की सालगिरह पर 15 अगस्त को राष्ट्रीय शोक दिवस मनाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, "मैं आपसे 15 अगस्त को राष्ट्रीय शोक दिवस को उचित सम्मान और गंभीरता के साथ मनाने की अपील करती हूं। बंगबंधु भवन में पुष्प माला चढ़ाकर और प्रार्थना करके सभी आत्माओं की मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।"

प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश में जारी हिंसा और लोगों की जान जाने पर भी चिंता जताई। हसीना ने कहा, "आतंकवाद और हिंसा के कारण छात्रों, शिक्षकों, पुलिसकर्मियों, पत्रकारों, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं और निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई है। मैं उन लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं, जो मेरी तरह अपने प्रियजनों को खोने के दर्द के साथ जी रहे हैं।"

हसीना ने देश में हत्याओं और बर्बरता के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। उन्होंने कहा, "मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए शोक व्यक्त करती हूं और प्रार्थना करती हूं। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं, जो मेरे जैसे अपने प्रियजनों को खोने के दर्द के साथ जी रहे हैं। मैं मांग करती हूं कि इन हत्याओं और बर्बरता में शामिल लोगों की उचित जांच की जाए और दोषियों की पहचान की जाए और उन्हें सजा दी जाए।" 

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रूप में शेख हसीना का 15 साल का कार्यकाल 5 अगस्त को उनके इस्तीफे और देश से चले जाने के बाद अचानक समाप्त हो गया। यह निर्णय उनकी सरकार के खिलाफ बढ़ते हिंसक विरोध के बीच लिया गया। फिलहाल हसीना के भारत में सुरक्षित स्थान पर होने की खबर है। 

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