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अमेरिकी ठिकानों या नागरिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई ना करें ईरान ने मिलिशिया को संदेश भेजाः माइक पेंस 

By भाषा | Updated: January 9, 2020 13:37 IST

गौरतलब है कि ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी हवाई हमले में मौत हो गई थी और उसके जवाब में ईरान ने इराक में कम से कम उन दो अड्डों पर एक दर्जन से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जहां अमेरिका और गठबंधन बलों के सैनिक तैनात थे।

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ठळक मुद्देइस हमले को ईरान ने ‘‘अमेरिका के चेहरे पर तमांचा’’ बताया है। ईरान के शासन में बदलाव नहीं चाहता लेकिन शासन के रुख में बदलाव जरूर चाहता है। 

अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने दावा किया कि अमेरिका को कुछ सकारात्मक खुफिया जानकारी मिली है कि ईरान ने शीर्ष कमांडर की हत्या के बाद अपनी मिलिशिया से अमेरिकी अड्डों या नागरिकों को निशाना ना बनाने को कहा है।

गौरतलब है कि ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी हवाई हमले में मौत हो गई थी और उसके जवाब में ईरान ने इराक में कम से कम उन दो अड्डों पर एक दर्जन से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जहां अमेरिका और गठबंधन बलों के सैनिक तैनात थे।

इस हमले को ईरान ने ‘‘अमेरिका के चेहरे पर तमांचा’’ बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि इराक में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले में किसी भी अमेरिकी को नुकसान नहीं पहुंचा है, जिसके बाद आज पेंस ने यह बयान दिया।

पेंस ने बुधवार रात ‘सीबीएस न्यूज’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘ हमें कुछ सकारात्मक खुफिया जानकारी मिल रही है कि ईरान उन्हीं मिलिशिया को संदेश भेज रहा है कि अमेरिकी ठिकानों या नागरिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई ना करें। हम उम्मीद करते हैं कि यह संदेश आगे भी मिलता रहेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व और साहस एवं बेहतरीन पेशेवर व्यवहार, जिसका हमारी सेना ने पिछले कुछ सप्ताह में प्रदर्शन किया उसकी वजह से अमेरिकी लोग आज रात आराम से सो सकते हैं।

कल हुए मिसाइल हमलों के बावजूद (हमारे सैन्य कर्मियों की पेशेवरता और उनकी तैयारियों के कारण) किसी अमेरिकी, किसी इराकी को नुकसान नहीं पहुंचा है...’’ साथ ही उन्होंने कहा कि ट्रम्प प्रशासन, ईरान के शासन में बदलाव नहीं चाहता लेकिन शासन के रुख में बदलाव जरूर चाहता है। 

टॅग्स :अमेरिकाईरानइराकडोनाल्ड ट्रंप
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