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अमेरिकी बलों पर हमले के लिए रूस के इनाम देने संबंधी खुफिया जानकारी पुख्ता नहीं: व्हाइट हाउस

By भाषा | Updated: April 16, 2021 10:46 IST

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वाशिंगटन, 16 अप्रैल (एपी) व्हाइट हाउस ने कहा है कि खुफिया विभाग के पास इस बात के पुख्ता सबूत नहीं है कि रूसी खुफिया अधिकारियों ने तालिबान को अफगानिस्तान में अमेरिकी बलों पर हमले के लिए उकसाया।

इस मामले को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और अन्य डेमोक्रेटिक नेताओं ने 2020 में हुए चुनाव में देश के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला था, लेकिन यह ताजा आकलन इस हमले के आधार को कमजोर करता है।

अमेरिका ने पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप करने और अमेरिकी संघीय एजेंसियों में सेंधमारी करने के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराते हुए बृहस्पतिवार को उसके 10 राजनयिकों को निष्कासित करने तथा 30 से अधिक लोगों एवं प्रमुख वित्तीय संस्थानों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।

इस बीच, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने बृहस्पतिवार को कहा कि खुफिया रिपोर्ट की समीक्षा के बाद खुफिया समुदाय ने निष्कर्ष निकाला कि उसे रिपोर्ट की प्रामाणिकता पर ‘‘कम एवं मध्यम स्तर का विश्वास’’ है।

उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट हिरासत में लिए गए अफगान नागरिकों से प्राप्त की गई जानकारी पर आधारित है और रिपोर्ट के लिए जानकारी एकत्र करने के तरीकों के कारण इसकी प्रामाणिकता पर कम भरोसा है।

साकी ने कहा कि रिपोर्ट पर कम से मध्यम स्तर का भरोसा होने का एक कारण यह है कि यह हिरासत में बंद लोगों से मिली जानकारी पर आधारित है।

‘द एसोसिएटेड प्रेस’ ने जून में कहा था कि ट्रंप के व्हाइट हाउस के अधिकारियों को गठबंधन बल के सैनिकों पर हमलों के लिए 2019 और 2020 में कथित रूप से इनाम देने के बारे में बताया था।

तत्कालीन सुरक्षा सलाहकार रोबर्ट ओ’ब्रायन ने उस समय कहा था कि ट्रंप को इस बारे में जानकारी नहीं दी गई थी, क्योंकि इन खुफिया रिपोर्ट की ‘‘पुष्टि नहीं हुई’’ थी।

रक्षा अधिकारियों एवं सैन्य कमांडरों ने भी इस बार कहा है कि कथित इनाम संबंधी खबरों की रक्षा खुफिया एजेंसियों ने पुष्टि नहीं की है और उन्हें रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर भरोसा नहीं है।

व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप, असंतुष्टों पर कार्रवाई, साइबर अपराध और क्रीमिया पर कब्जे के कारण रूस के खिलाफ हाल में प्रतिबंध लगाए गए हैं, लेकिन ये प्रतिबंध अमेरिकी बलों की हत्या करने पर कथित रूप से ‘‘इनाम’’ देने की रिपोर्ट के कारण नहीं लगाए गए हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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