Nawaz Sharif returns to Pakistan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ चिकित्सा उपचार के लिए आत्म-निर्वासन में चार साल बिताने के बाद 21 अक्टूबर को पाकिस्तान लौट आए। हालांकि देश वापस लौटने के बाद आर्थिक बदहाली देखकर शरीफ काफी निराश हुए।
नवाज शरीफ ने नकदी की कमी से जूझ रहे देश के मौजूदा आर्थिक संकट पर शनिवार को अफसोस जताया और दावा किया कि अगर यह देश उनके 1990 के ‘आर्थिक मॉडल’ पर आगे बढ़ता, तो यहां एक भी व्यक्ति बेरोजगार नहीं होता। पाकिस्तान लौटने के कुछ घंटों बाद ही 73 वर्षीय शरीफ ने शनिवार शाम यहां मीनार-ए-पाकिस्तान पर जमा भारी भीड़ को संबोधित किया।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) अध्यक्ष ने अफसोस जताया कि मौजूदा आर्थिक संकट की वजह से अब लोगों को यह तय करना पड़ता है कि वह बिजली बिल का भुगतान करे, या फिर अपने बच्चों का भरण-पोषण करे। उन्होंने कहा, "लोग आत्महत्या कर रहे हैं और बिल का भुगतान करने के लिए पैसे उधार ले रहे हैं।" नवाज ने कहा, "मेरे कार्यकाल के दौरान गरीबों के पास कम से कम अपना इलाज कराने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन तो थे।"
पूर्व प्रधान मंत्री ने 2017 में अयोग्य घोषित किये जाने की आलोचना करते हुए कहा, "यह सब शहबाज शरीफ के कार्यकाल में शुरू नहीं हुआ। यह उससे बहुत पहले शुरू हुआ था। अमेरिकी डॉलर के मूल्य जरूरत से ज्यादा बढ़ गए हैं, बिल बढ़ रहे हैं और रोजाना की जरूरत की चीजों के साथ-साथ पेट्रोल के दाम भी बढ़ रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "हमारे कार्यकाल में चीनी 50 रुपये प्रति किलोग्राम थी, आज 250 रुपये प्रति किलोग्राम है। क्या इसलिए आपने नवाज शरीफ को सत्ता से बेदखल किया था?" शरीफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान उनके 1990 के आर्थिक मॉडल पर आगे बढ़ता, तो देश में एक भी व्यक्ति बेरोजगार नहीं होता, गरीबी जैसी कोई चीज नहीं होती... लेकिन आज हालात इतने खराब हैं कि सोचना पड़ता है कि अपने बच्चों का पेट भरें या बिजली बिल भरें।"
बता दें कि नवाज शरीफ अपनी पार्टी का नेतृत्व करने और रिकॉर्ड चौथी बार सत्ता में आने के प्रयास के तहत स्वदेश लौटे हैं। हालांकि अगले साल जनवरी में होने वाले चुनावों से पहले अपनी पार्टी की संभावनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए अपने चुनाव अभियान को शुरू करने से पहले उन्हें कई कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।