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अफगानिस्तान: पूर्व महिला सांसद मुर्सल नबीजादा और उनके बॉडीगार्ड की गोली मारकर हुई हत्या-भाई और अन्य गार्ड घायल, तालिबानी महिला शिक्षा बैन की कर चुकी थी आलोचना

By आजाद खान | Updated: January 16, 2023 00:35 IST

आपको बता दें कि पूर्व महिला सांसद मुर्सल नबीजादा उन महिलाओं में से थी जो हाल में ही तालिबान द्वारा महिलाओं पर लगाए गए शिक्षा बैन की कड़ी अलोचक थी।

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ठळक मुद्देअफगानिस्तान की पूर्व महिला सांसद और उसके गार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इसमें पूर्व महिला सांसद मुर्सल नबीजादा के भाई और एक अन्य गार्ड भी घायल हुए है।पूर्व महिला सांसद मुर्सल नबीजादा की हत्या उनके पहले मंजिल वाले कमरे में हुई है।

काबुल:अफगानिस्तान के काबुल में पूर्व महिला सांसद मुर्सल नबीजादा और उनके बॉडीगार्ड को अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली मार कर हत्या कर दी गई है। एसोसिएटेड प्रेस की अगर माने तो पुलिस ने बताया है कि जब यह घटना घटी है तब महिला घर में थी, ऐसे में हमलावरों ने घर में घुसकर गोलियां चलाई और दोनों की जान ले ली है। 

आपको बता दें कि सांसद मुर्सल नबीजादा उन कुछ महिला सांसदों में शामिल थी जो 2021 में अफगानिस्तान आई थी और तालिबान के सत्ता संभालने के बाद से ही वह वहां रह रही थी। यही नहीं सांसद मुर्सल नबीजादा ने हाल में अफगानिस्तान में महिलाओं के पढ़ाई पर लगे बैन की भी आलोचना की थी और धमकी मिलने के बाद भी वह अफगानिस्तान छोड़ कर नहीं गई थी। 

क्या है पूरा मामला

समाचार एजेंसी एसोसिएट्स प्रेस के अनुसार, मामले में बोलते हुए स्थानीय पुलिस प्रमुख मोल्वी हमीदुल्लाह खालिद ने बताया है कि पूर्व महिला सांसद मुर्सल नबीजादा और उनके बॉडीगार्ड पर शनिवार के रात तीन बजे हमला हुआ था जिसमें दोनों की मौत हो गई है। उनके अनुसार, इस हमले में मुर्सल नबीजादा के भाई और एक और गार्ड भी घायल हो गया है। 

यही नहीं मुर्सल नबीजादा की सुरक्षा में लगे एक तीसरे गार्ड की भागने की भी बात सामने आई है। ऐसे में दावा यह भी है कि गार्ड जाते समय पैसे और गहने लेकर भाग गया था। पुलिस ने बताया है कि मुर्सल नबीजादा की मौत पहली मंजिल पर हुई है जहां उनका ऑफिस था। हालांकि मुर्सल नबीजादा की हत्या किस कारण हुई है, इसका अभी खुलासा नहीं हुई है। 

कौन थीं सांसद मुर्सल नबीजादा

आपको बता दें कि काबुल का प्रतिनिधित्व करने के लिए मुर्सल नबीजादा को 2019 में चुना गया था और वह तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जे तक वह पद संभाले हुए थी। यही नहीं वह संसदीय रक्षा आयोग की सदस्य भी थीं और एक निजी गैर-सरकारी समूह, मानव संसाधन विकास और अनुसंधान संस्थान में काम करती थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले एक महिला तालिबान की सजा से डर कर खुद को फांसी लगा ली थी। आरोप था कि महिला एक विवाहित पुरुष के साथ भागी थी, ऐसे में सजा के डर से वह अपनी जान ले ली थी। 

टॅग्स :अफगानिस्तानतालिबानक्राइम
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