लाइव न्यूज़ :

सहयोगियों, साझेदारों के साथ बेहतर साझीदारी की खातिर ‘चाइना टास्क फोर्स’ का गठन किया: ऑस्टिन

By भाषा | Updated: June 18, 2021 11:13 IST

Open in App

(ललित के झा)

वाशिंगटन, 18 जून अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि उनके देश के लिए चीन एक ‘‘बढ़ती चुनौती’’ है तथा यह बहुत अधिक आवश्यक है कि अमेरिका रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ बेहतर साझेदारी के लिए अवसर पैदा करने पर अधिक ध्यान दे।

रक्षा विभाग के लिए 2022 के बजट अनुरोध पर सुनवाई के दौरान सीनेट की विनियोजन समिति के सदस्यों से ऑस्टिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि मुख्य रूप से उनका ध्यान चीन पर है। उन्होंने कहा, ‘‘चीन हमारे लिए एक बढ़ती चुनौती है और मेरा मुख्य ध्यान उसी पर है, हमारे कदमों से यह जाहिर भी है। विदेश मंत्री ब्लिंकन के साथ मेरी पहली विदेश यात्रा हिंद-प्रशांत क्षेत्र की थी।’’

ऑस्टिन ने कहा कि इसीलिए उन्होंने चाइना टास्क फोर्स का भी गठन किया है। उनसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को चीन से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों के बारे में सवाल किया गया था। उन्होंने बताया कि चाइना टास्क फोर्स ने पिछले हफ्ते अपना काम पूरा कर लिया और उन्होंने एक आंतरिक निर्देश जारी किया है जिसके साथ ही व्यापक कदमों की शुरुआत भी हो गई है जो बीजिंग की चुनौती का सामना करने की क्षमता को बढ़ाएंगे, क्षेत्रीय सहयोगियों और साझेदारों के साथ नेटवर्क को नई ऊर्जा से भरेंगे और अत्याधुनिक क्षमताओं एवं परिचालन संबंधी नई अवधाराणाओं के विकास को गति देंगे।

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘मैं पहली विदेश यात्रा पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में गया जहां मैंने जापान तथा दक्षिण कोरिया में अपने सहयोगियों से मुलाकात की। इसके बाद हमारे साझेदार से मिलने मैं भारत गया और हाल में आसियान देशों के शिखर सम्मेलन में गया जहां इस बारे में विचार साझा किए कि हम किस तरह एकसाथ मिलकर बेहतर काम कर कर सकते हैं।’’

मार्च में आस्टिन भारत गए थे जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी।

ऑस्टिन ने कहा, ‘‘चाइना टास्क फोर्स के जरिए हमने ऐसे अवसर पैदा करने पर ध्यान केंद्रित किया जिससे क्षेत्र में अपने साझेदारों और सहयोगियों के साथ बेहतर तरीके से साझीदारी कर सकें क्योंकि मेरा मानना है कि यह वाकई में महत्वपूर्ण है।’’

उल्लेखनीय है कि भारत, अमेरिका और कई अन्य विश्व शक्तियां हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते सैन्य दखल की पृष्ठभूमि में मुक्त एवं स्वतंत्र क्षेत्र की अहमियत पर जोर दे रहे हैं। चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा जताता है जबकि ताइवान, फिलीपीन, ब्रुनेई, मलेशिया तथा वियतनाम भी इसके कुछ हिस्सों पर दावा जताते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठPanchang 08 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठVaisakhi 2026: बैसाखी के दिन का महत्व बताते 5 रोचक तथ्य, सिर्फ फसलों का त्योहार नहीं बल्कि इतिहास है खास; जानें

पूजा पाठRashifal 08 April 2026: आज धन संचय करने में सफल होंगे तुला राशि के लोग, जानें अपनी राशि का फल

विश्वजो खुद को नायक कहता है, खलनायक से भी अधिक भयावह लगता है!

भारतपंजाब में अमित शाह का प्रतिभा खोज अभियान?, आरिफ मोहम्मद खान ढाका जाएंगे!

विश्व अधिक खबरें

विश्व'अगले 48 घंटों तक घर के अंदर ही रहें' : ईरान में मौजूद नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास तत्काल सुरक्षा एडवाइज़री जारी की

विश्वक्या डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ करेंगे परमाणु हथियार का इस्तेमाल?, व्हाइट हाउस ने दिया जवाब

विश्वआज रात एक पूरी सभ्यता का अंत होगा?, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ पर पोस्ट किया, फिर कभी जीवित नहीं?

विश्वजान बचानी हो तो अगले 12 घंटे तक ट्रेन की यात्रा मत करना?, इजरायली सेना ने ईरान के लोगों को दी धमकी?, ईरानी समयानुसार रात 9:00 बजे तक पूरे देश में यात्रा करने से बचें

विश्वमेरे दिमाग से कभी नहीं जाएगा ईरान युद्ध, नाटो ने मुझे गम दिया?, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा-नाटो एक कागजी शेर, व्लादिमीर पुतिन भी नहीं डरते