लाइव न्यूज़ :

अफगानिस्तान में कार्यवाहक रक्षा मंत्री को निशाना बनाकर किए गए विस्फोट में आठ लोगों की मौत

By भाषा | Updated: August 4, 2021 15:33 IST

Open in App

काबुल, चार अगस्त (एपी) अफगानिस्तान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री को निशाना बनाकर किए गए बम हमले में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई तथा 20 लोग घायल हो गए। मंत्री सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। हमले की जिम्मेदारी तालिबान ने ली है।

अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट मंगलवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के नजदीक स्थित उच्च सुरक्षा वाले एक इलाके में हुआ। विस्फोट के बाद हुई मुठभेड़ में चार आतंकवादी मारे गए।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता मीरवाइज स्टानेकजई ने बुधवार को कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने एक वक्तव्य जारी कर हमले की जिम्मेदारी ली है। यह हमला ऐसे समय हुआ जब आतंकवादी समूह तालिबान ने आक्रमण तेज कर दिया है और देश के दक्षिण एवं पश्चिम हिस्सों में प्रांतीय राजधानियों पर दबाव बना रखा है।

मुजाहिद ने बयान में कहा कि हमला अफगान राष्ट्रीय बलों द्वारा विभिन्न प्रांतों में हाल में किए गए हमलों का बदला लेने के लिए किया गया।

स्टानेकजई ने कहा कि ऐसा लगता है कि हमला कार्यवाहक रक्षा मंत्री बिस्मिल्ला खान मोहम्मदी के अतिथि-गृह को निशाना बनाकर किया गया, मंत्री सुरक्षित हैं।

उनकी पार्टी जमीयत ए इस्लामी के एक नेता ने सूचित किया कि घटना के वक्त मंत्री घर पर नहीं थे और उनके परिजनों को वहां से सुरक्षित निकाल लिया गया।

स्टानेकजई ने कहा कि पांच घंटे तक चली मुठभेड़ में चार हमलावरों को मार गिराया गया। उन्होंने कहा कि विस्फोट शेरपुर इलाके में हुआ जो राजधानी के बेहद सुरक्षित इलाकों में से एक है। यहां सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी रहते हैं।

घटना के कई घंटों बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से एक वीडियो जारी किया गया जिसमें मोहम्मदी ने कहा कि आत्मघाती हमले में उनके सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।

काबुल पुलिस प्रमुख के प्रवक्ता ने बताया कि इलाके से सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सुरक्षाकर्मियों ने घटना के बाद घर-घर जाकर तलाशी ली।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अफगानिस्तान में नागरिकों पर किये जा रहे हमलों और आतंकवाद की घटनाओं की मंगलवार को कड़े शब्दों में निंदा की, वहीं तालिबान द्वारा सत्ता पाने की कोशिशों पर विरोध जताया।

सुरक्षा परिषद ने एक प्रेस वक्तव्य में कहा कि अफगान सरकार और तालिबान को राजनीतिक समाधान और संघर्ष विराम की दिशा में प्रगति के लिए एक समावेशी और अफगान नीत शांति प्रक्रिया में मिलकर सार्थक तरीके से काम करना चाहिए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टTamil Nadu: 6 साल बाद मिला न्याय! पिता-पुत्र की हिरासत में मौत केस में 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड

विश्वVIDEO: पनामा नहर के पास ब्लास्ट, आसमान में दिखा धुएं का गुबार, कई घायल

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: ईंधन की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन! क्या भारत में महंगा हो गया पेट्रोल और डीजल? जानें

क्राइम अलर्टकोई इतना अमानवीय और क्रूर कैसे हो सकता है?

विश्व‘एलिमेंट्‌स’ को बचानेवाले फारसी विद्वान और यूक्लिड से प्रेरित शरलॉक 

विश्व अधिक खबरें

विश्वयदि ईरान पर जमीनी हमला हुआ तो...

विश्वखुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत, इजराइल-अमेरिका ने ईरान किया हमला, 25 मरे?, जवाब में ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक