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चीन ने तालिबान से आतंकवादी संगठनों से संबंधों को स्थायी रूप से खत्म करने को कहा

By भाषा | Updated: August 31, 2021 19:42 IST

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चीन ने मंगलवार को तालिबान से आतंकवादी संगठनों से संबंधों को स्थायी रूप से खत्म करने, एक खुली, समावेशी सरकार बनाने और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करने के लिए उदारवादी नीतियों का अनुसरण करने के लिए कहा। अमेरिकी सैनिकों के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद अमेरिका के दो दशक पुराने युद्ध का समापन हो गया। इसके बाद तालिबान ने काबुल पर पूर्ण नियंत्रण कर लिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में पड़ोसी देश में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘अफगानिस्तान विदेशी सैन्य हस्तक्षेप से मुक्त हो गया है और अफगान लोग शांति और पुनर्निर्माण के एक नए शुरुआती चरण पर खड़े हैं।’’ हालांकि, यह पूछे जाने पर कि क्या चीन तालिबान को देश में एक वैध सरकार के रूप में मान्यता देने के लिए तैयार है, वांग ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि अफगानिस्तान एक खुली और समावेशी सरकार बना सकता है, उदारवादी और विवेकपूर्ण घरेलू और विदेशी नीतियों का पालन कर सकता है, सभी प्रकार के आतंकवाद का मुकाबला कर सकता है।’’ वांग ने कहा कि चीन अफगानिस्तान की संप्रभुता का सम्मान करता है और उसके मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘तथ्य बताते हैं कि आर्थिक विकास को साकार करने के लिए हमें एक खुले समावेशी राजनीतिक ढांचे, उदार विदेशी और घरेलू नीतियों के कार्यान्वयन और सभी रूपों में आतंकवादी समूहों से मुक्त होने की आवश्यकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘चीन अफगानिस्तान और दुनिया में सभी पक्षों के साथ घनिष्ठ संचार और समन्वय बनाए रखेगा ताकि अफगानिस्तान का समर्थन किया जा सके और अफगानिस्तान को शांति बहाल करने, अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण, आतंकवादी समूहों का मुकाबला करने में सहायता प्रदान की जा सके।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या चीन तालिबान को मानवीय सहायता प्रदान करेगा या अंतरराष्ट्रीय सहायता समूहों के माध्यम से मदद देगा, उन्होंने कहा कि अमेरिका को ‘‘उचित जिम्मेदारी निभानी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका द्वारा शुरू किया गया युद्ध अफगानिस्तान में अराजक स्थिति और स्थानीय अर्थव्यवस्था और आजीविका में कठिनाइयों का प्रमुख कारण है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका को उचित जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अफगानिस्तान को आवश्यक आर्थिक और मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करना चाहिए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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