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चीन में 127 पत्रकार हिरासत में रखे गए हैं, संवेदनशील विषयों पर रिपोर्टिंग करने का आरोप, आधे से अधिक उइगर पत्रकार

By विशाल कुमार | Updated: December 9, 2021 10:18 IST

अंतरराष्ट्रीय गैर लाभकारी संगठन रिपोर्टर्स बिदाउट बॉर्डर्स ने चीन को सबसे अधिक पत्रकारों को हिरासत में रखने वाला देश करार दिया। उनमें से आधे से अधिक में 71 उइगर पत्रकार शामिल हैं।

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ठळक मुद्देचीन में संवेदनशील घोषित सामग्री पर रिपोर्ट करने पर127 पत्रकारों को हिरासत में रखा गया है।इसमें पेशेवर और गैर-पेशेवर दोनों तरह के पत्रकार शामिल हैं।रिपोर्टर्स बिदाउट बॉर्डर्स ने चीन को सबसे अधिक पत्रकारों को हिरासत में रखने वाला देश करार दिया।

नई दिल्ली:चीन में सत्ताधारी कम्यूनिस्ट पार्टी द्वारा संवेदनशील घोषित की गई सामग्री पर रिपोर्ट करने और उन्हें प्रकाशित करने पर कम से कम 127 पत्रकारों को हिरासत में रखा गया है, जिसमें पेशेवर और गैर-पेशेवर दोनों तरह के पत्रकार शामिल हैं।

यह जानकारी देते हुए अंतरराष्ट्रीय गैर लाभकारी संगठन रिपोर्टर्स बिदाउट बॉर्डर्स ने चीन को सबसे अधिक पत्रकारों को हिरासत में रखने वाला देश करार दिया।

अंतरराष्ट्रीय संगठन ने कहा कि चीन में एक संवेदनशील विषय की जांच करने या सेंसर की गई जानकारी प्रकाशित करने के बेहद साधारण कार्य के परिणामस्वरूप अस्वच्छ जेलों में वर्षों तक हिरासत में रखा जा सकता है, जहां दुर्व्यवहार से मृत्यु हो सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, उनमें से आधे से अधिक यानी 71 उइगर पत्रकार शामिल हैं। 2016 से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के नाम पर बीजिंग शासन उइगरों के खिलाफ एक हिंसक अभियान चला रहा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे चीनी सरकार पत्रकारों को अपने शासन का मुखपत्र बनने के लिए मजबूर कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकारों को अपने प्रेस कार्ड प्राप्त करने और नवीनीकृत करने के लिए शी जिनपिंग विचार पर आंशिक रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए 90 घंटे के वार्षिक प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है।

रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकारों को पहले से ही 'स्टडी शी' एप्लिकेशन को डाउनलोड करने करने की आवश्यकता है जो उनका व्यक्तिगत डेटा एकत्र करती है।

इसमें आगे बताया गया कि साल 2020 में निगरानी और वीजा ब्लैकमेल के आधार पर विदेशी पत्रकारों को चीन की धमकी ने उनमें से 18 को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया।

रिपोर्टर्स बिदाउट बॉर्डर्स ने कहा कि पिछले साल ही चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी वुहान में कोविड-19 संकट के बारे में जनता को सूचित करने के बेहद साधारण कार्य के लिए कम से कम दस पत्रकारों और ऑनलाइन टिप्पणीकारों को गिरफ्तार किया था। उनमें से दो, झांग झान और फेंग बिन अभी भी चीन में नजरबंद हैं।

इस साल फरवरी में फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ चाइना (एफसीसीसी) ने कहा कि चीन ने 2020 में विदेशी रिपोर्टिंग को सीमित करने के लिए कोरोना वायरस रोकथाम उपायों, डराने-धमकाने और वीजा प्रतिबंधों का इस्तेमाल किया। चीन ने तिब्बत, ताइवान, भ्रष्टाचार, मी टू अभियान जैसे शब्दों को भी संवेदनशील करार दिया है।

टॅग्स :चीनपत्रकारशी जिनपिंग
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