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ओआईसी की बात पर बांग्लादेश ने भारत का किया समर्थन, पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: May 6, 2018 11:46 IST

बांग्लादेश ने ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देशों जैसे कि भारत को ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉरपोरेशन (ओआईसी) का पर्यवेक्षक बनाने की बात कही है। 

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नई दिल्ली, 6 मई। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करने की हर नामुमकिन कोशिश करने के बाद पाकिस्तान को एक ओर बड़ा झटका लगा है। लेकिन इस बार पाकिस्तान को अमेरिका ने नहीं बल्कि बांग्लादेश ने तगड़ा झटका दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बांग्लादेश ने ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देशों जैसे कि भारत को ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉरपोरेशन (ओआईसी) का पर्यवेक्षक बनाने की बात कही है। 

ये बात पाकिस्तान के लिए किसी झटके से कम नहीं है क्योंकि वह लगातार भारत की छवि को खराब करने की कोशिश करता रहता है। बता दें कि ओआईसी एक ऐसा संगठन है जिसके सदस्य केवल वही देश हैं जहां मुस्लिम आबादी की बहुलता है। ढाका में आईओसी के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इस दौरान बांग्लादेश के मंत्री अबुल हसन महमूद अली ने संगठन में सुधारों की मांग करते हुए कहा कि भारत जैसे देशों को संगठन के पर्यवेक्षक सीट के लिए नियुक्त किया जा सकता है, जो मुस्लिम बहुल देश नहीं है। 

पाकिस्तान हमेशा से अपने नापाक इरादो के चलते इस प्रस्ताव का स्वागत नहीं करेगा क्योंकि वह इस फोरम के जरिए भारत को एक बार फिर निशाना बनाना चाहता है। खबरों की मानें तो चीन और बांग्लादेश इसका समर्थन कर सकते हैं। बता दें कि दुनियाभर की मुस्लिम आबादी का 10 प्रतिशत हिस्सा भारत में रहता है।

9 करोड़ 20 लाख लोगों की आबादी वाले मिस्र में वैश्विक मुस्लिम आबादी का 5 प्रतिशत हिस्सा रहता है। जबकि विश्व में मुस्लिमों की आबादी में इंडोनेशिया और पाकिस्तान के बाद भारत तीसरे नंबर पर है। इस मामले में बांग्लादेश के विदेश मंत्री  अली ने कहा कि ऐसे बहुत से देश हैं जो ओआईसी के सदस्य नहीं है लेकिन उनके देश में मुस्लिम नागरिकों की एक बड़ी संख्या मौजूद है। बेशक उन देशों में मुस्लिम अल्पसंख्यक हों लेकिन संख्या के मामले में ये कई आईओसी देशों की कुल आबादी से ज्यादा हैं।

इसके बाद उन्होंने कहा कि हमे उन गैर-ओआईसी देशों के साथ दूरी को पाटने की जरूरत है ताकि बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी संगठन द्वारा किए जाने वाले अच्छे कामों से अछूती न रह सके। यही एक कारण है कि संगठन के लिए सुधार और पुनर्गठन महत्वपूर्ण है। बांग्लादेश के इस सुझाव को ओआईसी के महासचिव का समर्थन मिल रहा है।

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