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CAA के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था जर्मनी का छात्र, मिल गया भारत छोड़ने का फरमान

By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: December 24, 2019 08:47 IST

जैकब ने अपने ट्विटर हैंडल से कुछ तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिनमें वह हाथों में स्लोगन लिखीं तख्तियां लिए दिखाई दे रहा था। उसने हाल में मद्रास आईआईटी के छात्रों द्वारा सीएए के विरोध में किए गए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।

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ठळक मुद्देसंशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ हाल में मद्रास आईआईटी के छात्रों द्वारा किए गए प्रदर्शन में जर्मनी के छात्र को कीमत चुकानी पड़ी।मद्रास आईआईटी से भौतिक विज्ञान की पढ़ाई कर रहे जर्मनी के जैकब लिडेंथल को भारत छोड़ने के लिए कहा गया है।

संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के विरोध में विदेशी भी प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे ही एक विदेशी छात्र प्रदर्शनकारी को लेकर सोशल साइट ट्विटर पर बहस छिड़ी है। तस्वीर में दिख रहा छात्र जर्मनी से है जोकि तमिलनाडु के मद्रास आईआईटी से पढ़ाई कर रहा है। नाम है- जैकब लिडेंथल। जैकब आईआईटी के भौतिक विज्ञान विभाग का छात्र है और अभी पढ़ाई पूरी होने में एक सेमेस्टर बाकी है लेकिन सोमवार की रात उसने जर्मनी के लिए वापस हवाई जहाज पकड़ा। 

दरअसल, जैकब ने अपने ट्विटर हैंडल से कुछ तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिनमें वह हाथों में स्लोगन लिखीं तख्तियां लिए दिखाई दे रहा था। उसने हाल में मद्रास आईआईटी के छात्रों द्वारा सीएए के विरोध में किए गए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करते जैकब की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं।  

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैकब द्वारा किए गया प्रदर्शन उसके गले ही फांस बन गया। जैकब को भारत छोड़ने का आदेश दिया गया।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, जैकब ने उसके खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर कहा, ''मुझे भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है। मेरे पास मुझे प्रतिबंधित किए जाने को लेकर कोई पुष्टि नहीं है लेकिन मुझे निर्वासन की धमकी दी गई है।''

हालांकि, मद्रास आईआईटी ने जैकब के निर्वासन को लेकर मीडिया से कोई टिप्पणी नहीं की है। ट्विटर पर जैकब को जर्मनी वापस भेजे जाने को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा, ''मेरा चचेरा भाई आईआईटी मद्रास से बीटेक कर रहा है। 95 फीसदी छात्रों के पास राजनीति के लिए समय नहीं है। आरक्षित कोटे के केवल 5 फीसदी छात्र यह बुरी राजनीति करते हैं। 

 

टॅग्स :कैब प्रोटेस्टएनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजिका)मोदी सरकारजर्मनी
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