बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने वाला है। हालांकि दिल्ली चुनाव नतीजे के बाद से ही बिहार की सियासत का तापमान चढ़ा हुआ है। पिछले कुछ दिनों से बिहार में एनडीए और महागठबंधन के बीच पोस्टर वार जारी है। पटना की सड़कों पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के 'बेरोजगारी हटाओ यात्रा' के खिलाफ पोस्टर लगे हैं। पोस्टर में लिखा हुआ, 'हाईटेक बस तैयार, अति पिछड़ा शिकार'। तंज करते हुए इसे आर्थिक उगाही यात्रा बताया जा रहा है।
हिन्दुस्तान में छपी रिपोर्ट के अनुसार, विरोधियों ने आरोप लगाया कि जिस बस से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) लीडर तेजस्वी यादव इस यात्रा को शुरू करने जा रहे हैं, वह किसी बीपीएल धारक के नाम पर रजिस्टर्ड है।
तेजस्वी यादव 23 फरवरी को पटना में रैली के बाद ‘बेरोजगारी हटाओ यात्रा’ शुरू करने वाले है। यात्रा ने पहले उन्होंने रविवार को ट्वीट किया, बिहार के 7 करोड़ युवा नीतीश जी से पूछ रहे है, 15 वर्षों में कितनी नौकरियों का सृजन किया? बिहार मे कितने करोड़ युवा बेरोज़गार है? कुल कितने करोड़ बेरोज़गारों ने नौकरी के लिए रोज़गार कार्यालय में पंजीकरण करवाया है? बिहार में बेरोज़गारी दर 11.47% क्यों है?
सरकार से आर-पार लड़ाई के मूड में तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने एक इंटरव्यू में कहा है, 15 सालों तक सत्ता में रहने के दौरान नीतीश कुमार अपने शासन को सुशासन बताते रहे और उनकी छवि को चमकाने में लगे मीडिया घरानों की जेब भरने के लिए सरकारी खजाने का दुरूपयोग करते रहे। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि लेकिन बिहार में सोशल मीडिया और ऑनलाइन खबरिया मंचों के आने से सुशासन के सारे दावे बेनकाब हो गये और सरकार का भ्रष्टाचार खुलकर सामने आ गया।