लाइव न्यूज़ :

चैत्र नवरात्रि विशेष: देवी दुर्गा के इन रूपों के नाम पर पड़ा है भारत के इन शहरों का नाम

By धीरज पाल | Updated: March 20, 2018 19:47 IST

चड़ीगढ़ का नाम देवी चंडी के नाम पर पड़ा है जो पंजाब और हरियाणा की राजधानी है।

Open in App

इस वक्त चैत्र नवरात्रि की धूम पूरे भारत में दिखाई दे रही है। सुबह शाम मंदिरों में भक्तों की भीड़, जगह-जगह मां भगवती के पाठ और मां शेरावाली के गीत की गूंज दिनों रात सुनाई दे रही है। 18 मार्च से शुरू हुई चैत्र नवरात्रि 26 मार्च को समाप्त हो रही है।  इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है और उनकी सेवा और उपासना करते हैं। भारत में मां भगवती के कई मंदिर स्थित हैं जो अपनी मान्यता के लिए जाने जाते हैं।

जहां दिनों रात भक्तों की भारी भीड़ इकठ्ठा होती है। इस मौके पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि भारत के कुछ ऐसे बड़े शहर हैं जिनका नाम मां दुर्गा के रूपों पर पड़ा है। हालांकि ये मान्यताएं हैं लेकिन कहीं न कहीं इनके नाम देवी दुर्गा के जुड़े हैं। इन नाम के पीछे कई किंवदंती भी प्रचलित हैं।

आइए जानते हैं इन शहरों के बार में- 

नैनीताल

नैना देवी मंदिर के बारे में कौन नहीं परिचित हैं जो उत्तराखंड नैनीताल के नाम में स्थित है। नैनीताल पर्यटकों के घूमने की लिस्ट में सबसे पहले में शामिल होता है। यह मंदिर प्रमुख शक्ति पीठ मंदिरों में भी शुमार है। यहां सती के शक्ति रूप की पूजा की जाती है। मंदिर में दो नेत्र हैं जो नैना देवी को दर्शाते हैं। नैनी झील के बारें में माना जाता है कि जब शिव सती की मृत देह को लेकर कैलाश पर्वत जा रहे थे, तब जहां-जहां उनके शरीर के अंग गिरे वहां-वहां शक्तिपीठों की स्‍थापना हुई। नैना देवी के नाम से ही इस शहर को नैनीताल नाम मिला यहां सती के शक्ति रूप की पूजा की जाती है।

यह भी पढ़ें- नवरात्रि में करें इन 6 देवी धामों के दर्शन, मां अम्बे की बरसती है कृपा!

मैंगलोर 

दक्षिण भारत के कर्नाटक में स्थित मैंगलोर का नाम देवी मंगला के नाम पर पड़ा है। मंदिर को 9 वीं सदी में तमिलनाडु के राजा कुंदावर्मा ने बनवाया था। देवी मंगलादेवी मंदिर की मुख्य देवी हैं। नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा आयोजित की जाती हैं। नवरात्रि त्योहार के नौवें दिन पर, एक भव्य जुलूस, रथोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें देवता एक भव्य रथ पर सवार होते हैं। लोगों की यह धारणा है, कि मंगलादेवी मन्दिर में जाकर प्रार्थना करने से अच्छा समय आता है।

पटना 

पाटन देवी मंदिर भारत की 51 शक्तिपीठों में से एक पाटन देवी मंदिर बिहार के पटना में स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती पर वार किया था को उनके शव की "दाहिनी जांघ" यहां गिरी गयी थी। वास्तविक तौर पर इस प्राचीन मंदिर को माँ सर्वानंद कारी पटनेश्वरी कहा जाता है, जिसे देवी दुर्गा का निवास्थान माना जाता है।' 

इसे भी पढ़ें- भारत के इस शहर को कहते हैं इत्र नगरी, हर गली से आती है गजब की खुशबू

दिल्ली 

दिल्ली के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण 5000 वर्ष पूर्व पांडवों भाइयों द्वारा की गई थी।  दिल्ली के महरोली स्थित योगमायामंदिर प्राचीन हिन्दू मंदिर है जो देवी योगमाया को समर्पित है। योगामाया भगवान श्री कृष्ण जी की बहन थी। इस मंदिर का नाम दिल्ली के प्रमुख मंदिरों में आता है। श्री योगमाया में सभी त्यौहार मनाये जाते है विशेष कर दुर्गा पूजा व नवरात्र के त्यौहार पर विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। इस दिन मंदिर को फूलो व लाईट से सजाया जाता है। मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं के दिल और दिमाग को शांति प्रदान करता है।

मुंबई

मुंबई का नाम सुनते ही जहन में कई प्रकार चित्र जेहन में घूमने लग जाते हैं। जिनमें समुद्र, लोकल ट्रेन, चर्च गेट जैसी जगहें शामिल हैं। लेकिन क्या आपको मालूम है कि मुंबई का नाम देवी दुर्गा के नाम पर पड़ा है।देवी मुम्बा के नाम पर मुंबई का नाम मिला है जो मुंबई की जावेरी बाजार रोड पर स्थित है। यह मंदिर मुम्बा देवी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण 1737 में किया गया था, जिसे बाद में नष्ट कर दिया गया था। जिसके पश्चात भुलेश्वर में नए मंदिर का निर्माण करवाया गया। आपको बता दे, मुम्बादेवी मंदिर अन्य शहरों में नहीं है क्योकि ये यहाँ की निवासी / इष्ट देवी है जो इस शहर का संरक्षण करती है। ये मंदिर लगभग छः सदी पुरानी है।

चंडीगढ़ 

चड़ीगढ़ का नाम देवी चंडी के नाम पर पड़ा है जो पंजाब और हरियाणा की राजधानी है। चंडी देवी मंदिर शहर से करीबन 15 किमी की दूरी पर कालका रोड पर स्थित हैं, नवरात्र के दौरान इस मंदिर में स्थानीय श्रद्धालु और पर्यटक मत्था टेकने पहुंचते हैं। कहा जाता है कि यहां दर्शन मात्र से सारे दुख दूर हो जाते हैं। 

टॅग्स :नवरात्रिट्रेवल
Open in App

संबंधित खबरें

भारतSummer Special Trains 2026: छुट्टियों में घर जाने की टेंशन खत्म, बिहार के लिए रेलवे का बड़ा तोहफा, शुरू की 3 नई स्पेशल ट्रेनें, यहाँ चेक करें पूरी लिस्ट

भारतपहलगाम नरसंहार के एक साल बाद भी नहीं खुले बैसरन वैली, डोनवान घाटी और चंदनवाड़ी, सिर्फ दावे ही दावे बाकी

भारतSonamarg: 2026 की पहली तिमाही में सोनमर्ग में पर्यटकों की संख्या 2 लाख के करीब, पहलगाम में एक साल में आने वालों का आंकड़ा 10 लाख के पार

कारोबारविदेश जाने वालों के लिए अब ये नियम जरूरी, बिना PAN कार्ड के पहले भरना होगा ये फॉर्म; जानें पूरी जानकारी

पूजा पाठChar Dham Yatra 2026: चार धाम यात्रा में करना चाहते हैं VIP दर्शन? तो जान लें ये नियम

मुसाफ़िर अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 19 May 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 19 May 2026: रोजमर्रा के कामों में आ सकती हैं रुकावटें, जानें अपना भाग्यफल

पूजा पाठPanchang 18 May 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 18 May 2026: आज कर्क समेत 5 राशियों के लिए भाग्यशाली है दिन, नौकरी-व्यापार में प्राप्त होंगे नए अवसर

पूजा पाठपंच केदार तीर्थयात्राः रहिए तैयार, 18 मई को खुलेंगे श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट, पवित्र डोली धार्मिक मंत्रोच्चार, पुष्प वर्षा और गढ़वाल राइफल्स सेना बैंड द्वारा बजाई गई धुनों के बीच रवाना