योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं और वह राजनेता भी हैं। उनका जन्म 5 जून 1972 को पंचुर, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड में हुआ था। वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। 19 मार्च 2017 को प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद मुख्यमंत्री बनाया गया। वे 1998 से 2017 तक बीजेपी की टिकट पर गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे। आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं। Read More
योगी सरकार 2.0 में सब कुछ ठीक नजर नहीं आ रहा है. यूपी के जलशक्ति विभाग के राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने नाराजगी की खबरों के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया. गृह मंत्री अमित शाह को लिखे अपने खत में दिनेश खटीक ने दलित समाज से ताल्लुक रखने की वजह से अपने साथ ...
योगी आदित्यनाथ सरकार में जलशक्ति विभाग के राज्यमंत्री दिनेश खटीक के इस्तीफा देने की खबर हैं। सूत्रों के अनुसार खटीक ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राजभवन को भी भेजा है। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी चिट्ठी लिखी है। ...
Azam Khan News: आपको बता दें कि आजम खान ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर शोध संस्थान के लिए इस तरीके से लीज करवाई थी कि वह इसे 33-33 साल के लिए दो बार इस्तेमाल कर सकें। ...
ऐसे में यूपी कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं होने मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा उनसे संपर्क साधने की कोशिश की गई थी, लेकिन उनका फोन स्वीच ऑफ जा रहा था। ...
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 9 से 15 अगस्त तक लोगों से अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की है। इसी के उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा के राष्ट्रवाद पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए कि बीजेपी ने कभी राष्ट्रध्वज का सम्मान नहीं किया। ...
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लुलु मॉल पर जारी विवाद को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों के साथ हुई एक विशेष बैठक में मुंख्यमंत्री ने कहा कि नए मॉल को राजनीति का अड्डा न बनने दें और असमाजिक तत्वों के साथ सख्ती से निपटें। ...
एक हिंदू नेता शिशिर चतुर्वेदी ने आरोप लगाया था कि लुलु मॉल मुस्लिम युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार दे रहा है। इस बारें में लुलु मॉल के क्षेत्रीय निदेशक जयकुमार गंगाधर ने बयान जारी किया और कहा कि हम धर्म और वर्ग के आधार पर भेदभाव नहीं करते। ...
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा की दृष्टि से गाजियाबाद-हरिद्वार मार्ग पर सर्वाधिक व्यस्त रहता है और यहां दूसरे राज्यों के श्रद्धालु भी आते हैं, इसलिए सीमावर्ती राज्यों से भी संवाद बनाए रखें। ...