समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) एक सामाजिक मामलों से संबंधित कानून होता है। देश में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होगा। समान नागरिक संहिता भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 का हिस्सा है। किसी भी धर्म या जाति से क्यों न हो। Read More
सचिन पायलट ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बेहद तीखा हमला करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए सरकार ने समान नागरिक संहिता का शगूफा छेड़ा है। ...
मीडिया से बात करते हुए शनिवार को गुलाम नबी आजाद ने मोदी सरकार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के साथ आगे बढ़ने के बारे में 'कभी न सोचने' की सलाह दी। ...
संविधान का अनुच्छेद-44 समान नागरिक संहिता बनाने का निर्देश देता है। कोई भी व्यक्तिगत कानून अंतर-धार्मिक विवाह की अनुमति नहीं देता है, इसलिए संसद ने विशेष विवाह अधिनियम, 1954 बनाया, यह सही मायने में विवाह के लिए एक समान नागरिक संहिता है... ...
कॉमन सिविल कोड का यह मुद्दा चुनाव में किस करवट बैठेगा-इसको लेकर समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) जैसे प्रमुख विपक्षी दलों के नेता उलझन में हैं। ...
मशहूर अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने गुरुवार को यूसीसी को लेकर कुछ सवाल उठाएं हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से यह पूछा है कि इससे किसको फायदा होगा? साथ ही अर्थशास्त्र में नोबल पुरस्कार विजेता ने यूसीसी को हिन्दुत्व से जोड़कर इसे निराधार बताया है। ...