समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) एक सामाजिक मामलों से संबंधित कानून होता है। देश में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होगा। समान नागरिक संहिता भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 का हिस्सा है। किसी भी धर्म या जाति से क्यों न हो। Read More
असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किए जाने पर कहा कि सरकार द्वारा प्रस्तावित कानून कुछ और नहीं बल्कि सभी समुदायों पर थोपे जाने वाला एक 'हिंदू कोड' है। ...
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश किए जाने के बाद कहा कि वो समान नागरिक संहिता को कभी नहीं मानेंगे। ...
सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट के प्रमुख पहलुओं में हलाला, इद्दत और तीन तलाक - जो कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार विवाह और तलाक को नियंत्रित करने वाली प्रथाएं हैं - को दंडनीय अपराध बनाना, बहुविवाह पर भी रोक लगाने की सिफ़ारिश की गई है। ...
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी विधेयक का मसौदा तैयार करने वाली समिति द्वारा दो फरवरी को राज्य सरकार को मसौदा सौंपने की उम्मीद है। उत्तराखंड सरकार ने 5 से 8 फरवरी तक चार दिवसीय विधानसभा सत्र बुलाया है। ...