आतंकी या आतंकवादी, ये पूरी दुनिया के लिए परेशानी की वजह हैं। ये वो लोग हैं जो दुनियाभर में दशहत का माहौल फैलाना चाहते हैं। वे इसके लिए वे हथियार, गोला-बारूद, बंदूक का इस्माल करते हैं। आमतौर पर इनका संगठन होता है, जैसे मौजूदा दौर का सबसे बड़ा आतंकी संगठन आईएसआईएस यानी इस्लामिक स्टेट है। इसके अलावा तालिबान, लश्कर ए तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन आदि प्रमुख आतंकी संगठन है। जबकि अब तक के सबसे बड़े आतंकी के तौर पर ओसमा बिन लादेन को जाना जाता है। Read More
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा था, ‘‘पाकिस्तान में 40 अलग-अलग आतंकवादी समूह सक्रिय थे। पाकिस्तान ऐसे दौर से गुजरा है जहां हमारे जैसे लोग चिंतित थे कि क्या हम (पाकिस्तान) इससे सुरक्षित निकल पाएंगे। ...
प्रधानमंत्री इमरान खान के अमेरिकी थिंक टैंक को संबोधित किये जाने पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) महासचिव नफीसा शाह ने एक बयान में कहा कि आतंकी गतिविधियों के पीड़ित लोग खान को ‘‘बिना दाढ़ी वाला तालिबान खान’’ कहा करते है ...
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘अनपढ़, गरीब लोगों को वैचारिक आंदोलन की आड़ में गुमराह करके अपना उल्लू सीधा करने वाले ऐसे लोगों को नहीं छोड़ा जा सकता है।’’ मंत्री के जवाब के बाद कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने विधेयक को स्थायी समिति को भेजने की मांग की। ...
चर्चा का जवाब देते हुए शाह ने कहा, ‘‘हम विपक्ष में थे तब भी कहते थे कि आतंकवाद के खिलाफ कठोर कानून होना चाहिए और आज भी हमारा मानना है कि आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए देश में कठोर से कठोर कानून की जरूरत है। ’’ ...
आतंकी आईएस से प्रेरित एक आतंकी समूह ‘उम्मत-ए- मोहम्मदिया’ के सदस्य थे। महाराष्ट्र एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आरोपपत्र के हवाले से बताया कि समूह की योजना मुंब्रा स्थित 400 साल पुराने श्री मुम्बरेश्वर मंदिर के श्रद्धालुओं के प्रसाद में जहर मिला कर उ ...
अमेरिका के तीन दिन के व्यस्त दौरे के आखिरी कार्यक्रम में खान ने उम्मीद जताई कि अब अमेरिका-पाक संबंध अलग स्तर पर हैं। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, ‘‘दोनों देशों के बीच शक-शुबहा को देखना दुखद है। हम उम्मीद करते हैं कि अब से हमारा रिश्ता अलग स्तर पर हो ...
लद्दाख संभाग के करगिल में एक पर्यटन कार्यक्रम में मलिक ने कहा, ‘‘ये लड़के जिन्होंने हथियार उठाये है वे अपने ही लोगों की हत्या कर रहे हैं, वे पीएसओ (निजी सुरक्षा अधिकारियों) और एसपीओ (विशेष पुलिस अधिकारियों) की हत्या कर रहे हैं। इनकी हत्या क्यों कर रह ...
आतंकवाद की प्रकृति, बदलते आयाम के मद्देनजर एनआईए को और शक्ति देना एक जरूरी कदम है. यह अलग बात है कि महज कानून बनाने से अगर दुनिया की इतनी बड़ी समस्या पर काबू हो सकता तो करीब 45 देश जो इस दंश को ङोल रहे हैं, कब से मुक्ति पा चुके होते. ...