सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायिक फोरम है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त 30 अन्य न्यायमूर्ति होते हैं। जिनके पास संविधान समीक्षा समेत अनेक शक्तियां होती हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास किसी संबैधानिक मसले पर स्वतः संज्ञान लेने की भी शक्तियां होती हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा हैं।भारत के संविधान के चैप्टर पांच के पांचवें भाग द्वारा निर्धारित संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी। जैसा कि भारतीय संविधान द्वारा कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट का काम संविधान के रक्षक के तौर पर काम करना है, संघीय सरकार के प्राधिकार द्वारा स्थापित अदालत और अपील के लिए यह सबसे ऊपरी अदालत है। Read More
देशद्रोह के आरोपी शरजील इमाम की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। शरजील इमाम ने खुदपर दर्ज सभी एफआईआर पर एकसाथ एक ही एजेंसी से जांच की मांग की है। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। ...
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अभी कोरोना के संकट के बीच कोई सेंट्रल विस्टा योजना पर कुछ करने नहीं जा रहा है। इसलिए जल्दबाजी की जरूरत नहीं है। साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा कि ऐसी ही एक याचिका पहले से कोर्ट में है। ...
पीठ ने आय कर विभाग को यह निर्देश भी दिया कि कर निर्धारण वर्ष 2016-17 और 2017-18 के लिये दूरसंचार फर्म की रिफंड की मांग से संबंधित कार्यवाही यथाशीघ्र पूरी की जाये। पीठ ने अपने फैसले में कहा कि इन निर्देशों के अलावा उसे अपीलकर्ता की दलीलों में कोई मेरि ...
गैर कोविड इलाज वाले क्षेत्रों में कार्यरत सभी चिकित्साकर्मियों को पीपीई किट्स उपलब्ध कराये जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वैयक्तिक सुरक्षा उपकरणों का तर्कसंगत उपयोग करने का सुझाव दिया जाये। ...
न्यायमूति एन वी रमण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई ने भूषण के इस कथन पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि यदि उन्हें व्यवस्था पर भरोसा ही नहीं है तो फिर न्यायालय को उन्हें क्यों सुनना चाहिए। ...
याचिकाकर्ता ने अपनी दायर याचिका में कहा था कि कोरोना वायरस के चलते देशभर में चल रहे लॉकडाउन के बीच घरों में बैठे-बैठे लोग मनोवैज्ञानिक तनाव महसूस कर रहे हैं। ...
याचिका में कहा गया था कि मीडिया जगत में अनेक अखबारों,पत्रिकाओं, ऑनलाइन मीडिया ने श्रम एवं रोजगार विभाग के स्पष्ट परामर्श के बावजूद कर्मचारियों और श्रमिकों की छंटनी करने, वेतन में कटौती करने की दिशा में कदम उठाए हैं। ...
पीठ ने नियम 135 के तमाम बिन्दुओं पर विस्तार से विचार किया और कहा कि संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत अपनायी जाने वाली प्रक्रिया अनिवार्य सेवानिवृत्ति के मामले में लागू नहीं की जा सकती। ...