सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायिक फोरम है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त 30 अन्य न्यायमूर्ति होते हैं। जिनके पास संविधान समीक्षा समेत अनेक शक्तियां होती हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास किसी संबैधानिक मसले पर स्वतः संज्ञान लेने की भी शक्तियां होती हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा हैं।भारत के संविधान के चैप्टर पांच के पांचवें भाग द्वारा निर्धारित संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी। जैसा कि भारतीय संविधान द्वारा कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट का काम संविधान के रक्षक के तौर पर काम करना है, संघीय सरकार के प्राधिकार द्वारा स्थापित अदालत और अपील के लिए यह सबसे ऊपरी अदालत है। Read More
केंद्र ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि रुकी हुई नीट-पीजी काउंसलिंग को चलने दिया जाए क्योंकि रेजिडेंट डॉक्टरों की मांग वाजिब है और देश को नए डॉक्टरों की जरूरत है, भले ही ईडब्ल्यूएस कोटे की वैधता का मामला विचाराधीन हो। ...
किसी दलित की कृषि योग्य भूमि का किसी गैर-दलित द्वारा अधिग्रहण को प्रतिबंधित करने वाले भूमि कानून से बचने के लिए महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट ने 1992 में लगभग एक दर्जन दलित ग्रामीणों से बरहटा मांझा गांव में जमीन खरीदने के लिए ट्रस्ट के साथ कार्यरत र ...
गढ़वाल के उप महानिरीक्षक करण सिंह नागन्याल ने रविवार को कहा कि एसआईटी का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक स्तर का एक अधिकारी करेगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ...
जमीयत उलमा-ए-हिंद ने अपने अध्यक्ष मौलाना सैयद महमूद असद मदनी के माध्यम से याचिका में कहा कि इस तरह के भाषण दूसरे की आस्थाओं की आलोचना करने की सीमाओं से परे जाते हैं और निश्चित रूप से धार्मिक असहिष्णुता को भड़काने की संभावना है। ...
ऐसे समय में जब कोरोना वायरस के ओमीक्रोन वैरिएंट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं तब मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों के हजारों रेजिडेंट डॉक्टरों ने सभी सेवाओं से हाथ खींच लिया है और सड़कों पर उतरकर नीट-पीजी काउंसलिंग जल्द से जल्द आयोजित करने की मांग कर रहे ...
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एस अब्दुल नजीर ने कहा कि कानून के छात्रों को औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकालने के लिए यह जरूरी है कि उन्हें मनु, चाणक्य व बृहस्पति की विकसित की हुई न्याय प्रणाली के बारे में पढ़ाया जाए। ...
वकीलों ने कहा कि भाषण केवल घृणास्पद भाषण नहीं हैं बल्कि पूरे समुदाय की हत्या के लिए एक खुला आह्वान है। इसने सीजेआई से स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वत: संज्ञान लेने का आग्रह किया। वकीलों में वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे, सलमान खुर्शीद और प्रशांत भू ...
सीजेआई ने समीक्षा की शक्ति के माध्यम से न्यायिक अतिरेक की आलोचना के खिलाफ न्यायपालिका का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सामान्यीकरण गुमराह करने वाले हैं और यदि न्यायपालिका के पास न्यायिक समीक्षा की शक्ति नहीं होगी, तो इस देश में लोकतंत्र के कामकाज ...