समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने पार्टी की अनदेखी से नाराज होकर समाजवादी सेकुलर मोर्चे का गठन किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की अध्यक्षता में समाजावादी पार्टी से उपेक्षित लोगों को इस मोर्चे से जोड़ा जाएगा। उन्होंने मुलायम सिंह यादव के भी इससे जुड़ने का दावा किया है। 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सपा के शीर्ष नेतृत्व में बिखराव देखने को मिला था। जब अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव को अध्यक्ष की कुर्सी से हटाकर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए थे। उन्होंने चाचा शिवपाल यादव की भी अनदेखी की थी। इसके बाद शिवपाल यादव ने नया मोर्चा बनाने का फैसला किया है। Read More
वर्ष 1989 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें आजमगढ़ सीट से चुनाव मैदान में उतारा था, जहां से उन्होंने जीत हासिल की थी। वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव से पूर्व पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। ...
अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘उसके (भाजपा) पास हिंदू और मुसलमान के अलावा और कोई नारा नहीं है। अभी नागरिकता को लेकर कितना बड़ा सवाल खड़ा कर दिया गया। नागरिकता का मामला असम से शुरू हुआ था लेकिन कोई असम के लोगों से पूछे कि क्या वे वहां ...
विधानसभा में सपा और विपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी ने 'आजादी' के नारे लगाने को देशद्रोह बताने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बुधवार के बयान पर कहा ''आजादी की लड़ाई के दौरान अंग्रेज भी स्वतंत्रता सेनानियों को आतंकवादी कहते थे। अब उनके वंशज या उनका ...
तस्वीर वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ये तस्वीर अखिलेश की 14 वर्षीय बेटी टीना की जरूर है लेकिन टीना ने सीएए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया था। ...
पिछली नवम्बर में मुलायम अपने जन्मदिन पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शरीक हुए थे। इसके अलावा शनिवार को भी उन्होंने एक अन्य कार्यक्रम में अखिलेश के साथ मंच साझा किया था। ...
यूपी सीएम ने कहा कि कांग्रेस, सपा, बसपा और अन्य विपक्षी दलों को यह बताने की जरूरत है कि सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) के साथ उनका क्या संबंध है। सिमी और पीएफआई जैसे प्रतिबंधित समूहों के लिए उनका समर्थन और राष्ट्र विरोधी नारे लगाने वाले ...
फूलन ने वर्ष 1983 में मध्य प्रदेश पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। बेहमई काण्ड में फूलन समेत 35 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उनमें से आठ आरोपी पुलिस से हुई अलग—अलग मुठभेड़ों में मारे गये थे। मुख्य अभियुक्त फूलन की 25 जुलाई 2001 को नयी ...