यूक्रेन सोवियत संघ के विघटन के बाद 1991 में रूस से अलग हुआ था। यूक्रेन के हालांकि बाद के वर्षों में NATO से जुड़ने की कोशिश से रूस असहमति दिखाता रहा है। रूस को लगता है कि यूक्रेन NATO से जुड़ने से उसकी सुरक्षा हमेशा खतरे में रहगी। रूस का मानना है कि अमेरिका सहित नाटो के अन्य सदस्य देशों की सेनाएं उसकी सीमा के बेहद करीब आ जाएंगी और वह एक तरह से चारों ओर से घिर जाएगा। इसी के खिलाफ रूस कदम उठाने की बात कर रहा है और यूक्रेन पर कार्रवाई की बात कर रहा है। Read More
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने ऐलान किया है कि आगामी 17 मई से भारतीय दूतावास एक बार फिर से यूक्रेन की राजधानी कीव से अपना संचालन शुरू कर देगा। ...
मार्च में लू के कारण फसल को भारी नुकसान के बाद गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का कदम उठाया गया है। सरकार पर मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने का भी दबाव है जो अप्रैल में बढ़कर 7.79 प्रतिशत हो गई। ...
रूस के विदेश मंत्रालय ने फिनलैंड को आगाह किया कि मॉस्को उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के सामने उभरते खतरों से निपटने के लिए सैन्य-तकनीकी और अन्य प्रकार के प्रतिशोधात्मक कदम उठाने को बाध्य होगा। ...
संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद, महासभा और मानव अधिकार परिषद में रूस के खिलाफ जब भी कोई प्रस्ताव रखा गया तो ज्यादातर सदस्यों ने उसका डटकर समर्थन किया। बहुत कम राष्ट्रों ने उसका विरोध किया लेकिन भारत हर प्रस्ताव पर तटस्थ रहा। ...
Russia News: रूसी सेना द्वारा एक यूक्रेनी स्कूल पर बमबारी होने से 60 लोगों की जान चली गई है। बताया जा रहा है कि इस स्कूल के तहखाने में करीब 90 लोग छुपे हुए थे। ...
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की पत्नी जिल बाइडन रविवार को अचानक यूक्रेन पहुंची और राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की की पत्नी ओलेना जेलेंस्की से मुलाकात की। ...