यूक्रेन सोवियत संघ के विघटन के बाद 1991 में रूस से अलग हुआ था। यूक्रेन के हालांकि बाद के वर्षों में NATO से जुड़ने की कोशिश से रूस असहमति दिखाता रहा है। रूस को लगता है कि यूक्रेन NATO से जुड़ने से उसकी सुरक्षा हमेशा खतरे में रहगी। रूस का मानना है कि अमेरिका सहित नाटो के अन्य सदस्य देशों की सेनाएं उसकी सीमा के बेहद करीब आ जाएंगी और वह एक तरह से चारों ओर से घिर जाएगा। इसी के खिलाफ रूस कदम उठाने की बात कर रहा है और यूक्रेन पर कार्रवाई की बात कर रहा है। Read More
भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन में नीदरलैंड के राजदूत से कहा कि कृपया हमें राजदूत का संरक्षण न दें। हम जानते हैं कि क्या करना है। ...
रूसी रक्षा मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसकी मिसाइलों ने यूक्रेन के मध्य किरोवोह्रद क्षेत्र में कानातोवो हवाई क्षेत्र में विमानन उपकरण और दक्षिणी शहर मायकोलाइव में एक बड़े गोला बारूद डिपो को नष्ट कर दिया। ...
रूस ने कहा है कि उसने परमाणु सक्षम मिसाइल हमलों का अभ्यास किया है। रूस की ओर से बुधवार को ये जानकारी दी गई। यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के 70वें दिन रूस ने इसकी घोषणा की। ...
रूसी आक्रमण झेल रहे यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने वॉल स्ट्रीट जर्नल के सीईओ काउंसिल समिट में भाग लेते हुए स्पष्ट कहा है कि वह युद्धविराम समझौते को तब तक स्वीकार नहीं करेंगे, जब तक रूसी सेना को अपनी पुरानी जगह पर वापस नहीं चली जाती। ...
अगर पुतिन की यह रणनीति सफल हो जाती है तो रूस के प्रभाव की परिधियां बैरेंट्स सागर से लेकर आर्कटिक महासागर तक विस्तृत हो जाएंगी जिसमें पूर्वी यूरोप, दक्षिणी कॉकेशस, यूरेशिया, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका का हिस्सा भी शामिल होगा। ...