यूक्रेन सोवियत संघ के विघटन के बाद 1991 में रूस से अलग हुआ था। यूक्रेन के हालांकि बाद के वर्षों में NATO से जुड़ने की कोशिश से रूस असहमति दिखाता रहा है। रूस को लगता है कि यूक्रेन NATO से जुड़ने से उसकी सुरक्षा हमेशा खतरे में रहगी। रूस का मानना है कि अमेरिका सहित नाटो के अन्य सदस्य देशों की सेनाएं उसकी सीमा के बेहद करीब आ जाएंगी और वह एक तरह से चारों ओर से घिर जाएगा। इसी के खिलाफ रूस कदम उठाने की बात कर रहा है और यूक्रेन पर कार्रवाई की बात कर रहा है। Read More
भारत ने अनाज की कीमतों में ‘‘अनुचित वृद्धि’’ के बीच उसकी जमाखोरी और वितरण में भेदभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए बुधवार को पश्चिमी देशों से आह्वान किया कि अनाज का बंटवारा कोविड-19 रोधी टीकों की तरह नहीं होना चाहिए। ...
यूक्रेन की उप रक्षा मंत्री हना मैलियर ने कहा कि लड़ाकों की रिहाई के लिए वार्ता जारी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलदिमीर जेलेंस्की ने कहा, ‘‘सर्वाधिक प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ इस कार्य में लगे हुए हैं। ...
एसएंडपी ने कहा, "हमारे पूर्वानुमानों के जोखिम हमारे पिछले पूर्वानुमान दौर के बाद से बढ़ गए हैं और मजबूती से नीचे की ओर बने हुए हैं। रूस-यूक्रेन संघर्ष के पहले की तुलना में अधिक घसीटने और बढ़ने की संभावना है और हमारे विचार में, जोखिमों को नीचे की ओर ध ...
नाटो प्रमुख जेन्स स्टोल्टनबर्ग ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले से बढ़ी चिंताओं के बीच फिनलैंड और स्वीडन ने नाटो की सदस्यता के लिए आवेदन दिया है। ...
रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण उर्वरक की कमी और खराब फसल के कारण तेज हुई मांग ने विश्व स्तर पर मुद्रास्फीति को बढ़ावा दिया है और गरीब देशों में अकाल और सामाजिक अशांति की आशंका जताई है। ...