उत्तर प्रदेश में स्थित प्रयागराज भारत के प्राचीन शहरों में से एक है। हिंदू धर्म के मुताबिक प्रयागराज एक तीर्थ स्थल है। प्रयागराज से पहले इसका नाम इलाहाबाद था। ऐतिहासिक उल्लेख की बात करें तो इस शहर का इलाहाबाद नाम अकबर ने 1583 में दिया था। साल 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने का ऐलान कर दिया है।दरअसल, गोमुख से इलाहाबाद तक जहां कहीं भी कोई सहायक नदी गंगा से मिलती है उस स्थान को प्रयाग कहा गया है, जैसे- देवप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग आदि। इस तरह जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम है उसे प्रयागराज कहा जाएगा। इसे संगम नगरी, कुंभ नगरी और तीर्थराज भी कहा गया है। Read More
अमावस्या तिथि का आरंभ 28 जनवरी मंगलवार की शाम में 7 बजकर 32 मिनट पर होगा और अगले दिन 29 जनवरी 2025 को शाम में 6 बजकर 5 मिनट तक रहेगी। इस समायावधि के बीच 29 जनवरी को सुबह पांच बजे दूसरा शाही स्नान शुरू होगा। ...
Mahakumbh Train Attack: सोशल मीडिया पर झांसी से प्रयागराज जा रही मेला स्पेशल ट्रेन का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ लोग ट्रेन पर पत्थर से हमला कर रहे हैं। अंदर बैठे यात्री इस घटना से काफी ज्यादा डर जाते हैं और घटना का वीडियो बनाने लगते हैं। ...
Mauni Amavasya 2025: महाकुंभ 2025 में पिछले 17 दिनों में 15 करोड़ से अधिक लोग गंगा और संगम में स्नान कर चुके हैं तथा बुधवार को मौनी अमावस्या पर और 10 करोड़ लोगों के गंगा स्नान करने की संभावना है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को कहा कि प्रशासन ने मौन ...