प्रज्ञा ने कहा, ‘‘मेरे बयान का संदर्भ अलग था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक सदस्य ने सार्वजनिक तौर पर मुझे आतंकवादी कहा। तत्कालीन सरकार ने मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा था। मेरे खिलाफ अदालत में कोई आरोप साबित नहीं हुआ। मुझे एक संन्यासी, महिला और सांसद होने के बाद भी आतंकी कहकर अपमानित करने का प्रयास किया गया।’’ प्रज्ञा के बयान के बीच ही विपक्ष के सदस्य खड़े होकर विरोध जताने लगे। भाजपा के सदस्य प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बचाव में खड़े नजर आए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि केवल यह देश ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व गांधीजी के आदर्शों और विचारों का सम्मान करता है। इस विषय पर अब राजनीति नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा ‘‘मैंने पहले ही कहा था कि मेरी जिम्मेदारी है कि गांधीजी के बारे में कोई भी टिप्पणी रिकार्ड में नहीं जाए।’’ बिरला ने कहा, ‘‘गांधीजी की हत्या के मामले में सदन में, सदन के बाहर किसी को भी महिमामंडित करने की इजाजत नहीं है।’’ संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि सदस्य (प्रज्ञा सिंह ठाकुर) ने स्पष्ट रूप से माफी मांग ली है, अब इस विषय पर चर्चा की जरूरत नहीं है। विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।कांग्रेस , तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, वाम दलों समेत विपक्षी दल के सदस्य आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे। गौरतलब है कि प्रज्ञा ने बुधवार को लोकसभा में एसपीजी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान उस वक्त विवादित टिप्पणी की थी जब द्रमुक सदस्य ए राजा बोल रहे थे।प्रज्ञा की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं किया गया था। कांग्रेस समेत विपक्षी सदस्यों ने बृहस्पतिवार को भी इस विषय को सदन में उठाया। गौरतलब है कि प्रज्ञा के लोकसभा में दिए गए विवादित बयान को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरूवार को ट्वीट किया था, ‘‘आतंकवादी प्रज्ञा ने आतंकवादी गोडसे को देशभक्त बताया। यह भारत के संसद के इतिहास का एक दुखद दिन है।’’ भाजपा के निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रज्ञा को आतंकी कहा था अत: कांग्रेस को भी इस मामले में माफी मांगनी चाहिए।", "articleBody":"भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के लोकसभा में दिये गये बयान के मुद्दे पर चर्चा के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों के नेताओं की बैठक दोपहर 1:15 बजे अपने चैंबर में बुलाई है।भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में की गयी अपनी विवादित टिप्पणी के लिए शुक्रवार को सदन में माफी मांगी और कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था। हालांकि कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों ने उनके बयान पर पुरजोर विरोध जताया और प्रदर्शन जारी रखा।प्रज्ञा ने यह भी कहा कि देश के लिए महात्मा गांधी के सेवाकार्यों का वह सम्मान करती हैं लेकिन ‘‘अदालत में मेरे खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं होने के बाद भी एक सदस्य ने सार्वजनिक तौर पर मुझे आतंकवादी कहा।’’ भोपाल से भाजपा सदस्य प्रज्ञा ने कहा, ‘‘बीते घटनाक्रम में मेरी टिप्पणी से किसी को किसी भी प्रकार की ठेस पहुंची हो तो मैं खेद जताते हुए क्षमा चाहती हूं।’’ उन्होंने कहा कि संसद में दिये गये उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया जो निंदनीय है।
प्रज्ञा ने कहा, ‘‘मेरे बयान का संदर्भ अलग था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक सदस्य ने सार्वजनिक तौर पर मुझे आतंकवादी कहा। तत्कालीन सरकार ने मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा था। मेरे खिलाफ अदालत में कोई आरोप साबित नहीं हुआ। मुझे एक संन्यासी, महिला और सांसद होने के बाद भी आतंकी कहकर अपमानित करने का प्रयास किया गया।’’ प्रज्ञा के बयान के बीच ही विपक्ष के सदस्य खड़े होकर विरोध जताने लगे। भाजपा के सदस्य प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बचाव में खड़े नजर आए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि केवल यह देश ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व गांधीजी के आदर्शों और विचारों का सम्मान करता है। इस विषय पर अब राजनीति नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा ‘‘मैंने पहले ही कहा था कि मेरी जिम्मेदारी है कि गांधीजी के बारे में कोई भी टिप्पणी रिकार्ड में नहीं जाए।’’ बिरला ने कहा, ‘‘गांधीजी की हत्या के मामले में सदन में, सदन के बाहर किसी को भी महिमामंडित करने की इजाजत नहीं है।’’ संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि सदस्य (प्रज्ञा सिंह ठाकुर) ने स्पष्ट रूप से माफी मांग ली है, अब इस विषय पर चर्चा की जरूरत नहीं है। विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।कांग्रेस , तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, वाम दलों समेत विपक्षी दल के सदस्य आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे। गौरतलब है कि प्रज्ञा ने बुधवार को लोकसभा में एसपीजी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान उस वक्त विवादित टिप्पणी की थी जब द्रमुक सदस्य ए राजा बोल रहे थे।प्रज्ञा की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं किया गया था। कांग्रेस समेत विपक्षी सदस्यों ने बृहस्पतिवार को भी इस विषय को सदन में उठाया। गौरतलब है कि प्रज्ञा के लोकसभा में दिए गए विवादित बयान को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरूवार को ट्वीट किया था, ‘‘आतंकवादी प्रज्ञा ने आतंकवादी गोडसे को देशभक्त बताया। यह भारत के संसद के इतिहास का एक दुखद दिन है।’’ भाजपा के निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रज्ञा को आतंकी कहा था अत: कांग्रेस को भी इस मामले में माफी मांगनी चाहिए।","keywords":"Parliament Winter Session,Om Birla,Bharatiya Janata Party (BJP),modi government,Congress,bhopal,संसद शीतकालीन सत्र,ओम बिरला,भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी),मोदी 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सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।’’ गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में एसपीजी संशोधन विधेयक चर्चा और पारित करने के लिए रखा। तिवारी ने कहा कि विशेष लोगों को उनकी जान पर खतरे के आकलन के आधार पर सुरक्षा दी जाती है लेकिन खुफिया तंत्र द्वारा किया गया यह आकलन वैज्ञानिक रूप से त्रुटिहीन तो नहीं होता।तिवारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का एसपीजी सुरक्षा हटाने के फैसले का खामियाजा देश ने उनकी हत्या के बाद भुगता। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की एसपीजी वापस लेना तत्कालीन वी पी सिंह सरकार का ‘‘राजनीतिक फैसला’’ था। कांग्रेस सदस्य ने कहा कि अब्राहम लिंकन, महात्मा गांधी, जे एफ केनेडी, मार्टिन लूथर किंग जूनियर, बेनजीर भुट्टो, बेअंत सिंह, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे कई देश-विदेश के सार्वजनिक जीवन में काम कर रहे लोगों की हत्या की गयी और उनके निर्णयों से प्रभावित लोगों ने इसकी साजिश रची।तिवारी ने प्रतिष्ठित हस्तियों की सुरक्षा पर खतरे के आकलन को ‘चुनिंदा’ तरीके से किये जाने का दावा करते हुए कहा, ‘‘अब सुरक्षा खतरे का आकलन राजनीतिक प्रक्रिया बन चुकी है।’’ उन्होंने हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटाये जाने के सरकार के फैसले की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘क्या प्रधानमंत्री पद से हट जाने के बाद उन्हें, उनके परिवारों को उनके लिए गये निर्णयों की वजह से प्रभावित लोगों से चुनौती खत्म हो जाती है? ऐसा नहीं होता।’’तिवारी ने कहा कि जान लेने की साजिश रचने वाले लोग ऐसे समय की ही प्रतीक्षा करते हैं जब सुरक्षा चुस्त-दुरुस्त नहीं हो। उन्होंने कहा कि जो तर्क पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटाते समय दिया गया था, वही आज भी सरकार दे रही है कि एसपीजी के पास इतनी क्षमता नहीं है।कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि जून 2019 तक गांधी परिवार को एसपीजी की ओर से सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए देश-विदेश में कई जगहों पर नहीं जाने की सलाह दी जाती रही लेकिन नवंबर 2019 तक अचानक क्या हो गया कि एसपीजी सुरक्षा की जरूरत ही खत्म हो गई। ", "articleBody":"कांग्रेस ने हाल ही में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटाये जाने की पृष्ठभूमि में 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एसपीजी सुरक्षा हटाते समय दिया गया था, वही आज भी सरकार दे रही है कि एसपीजी के पास इतनी क्षमता नहीं है।कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि जून 2019 तक गांधी परिवार को एसपीजी की ओर से सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए देश-विदेश में कई जगहों पर नहीं जाने की सलाह दी जाती रही लेकिन नवंबर 2019 तक अचानक क्या हो गया कि एसपीजी सुरक्षा की जरूरत ही खत्म हो गई। ","keywords":"Parliament Winter Session,Congress,Bharatiya Janata Party (BJP),modi government,Om Birla,संसद शीतकालीन सत्र,कांग्रेस,भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी),मोदी सरकार,ओम बिरला,Parliament Winter Session,संसद शीतकालीन सत्र"}]Lok Sabha Speaker Om Birla: This House doesn't permit to glorify the matter of assassination of Mahatma Gandhi whether in this House or outside. Yesterday the Defence Minister gave the clarification on behalf of the government. The MP (Pragya Singh Thakur) has apologised too. https://t.co/v1k0A138Rf
— ANI (@ANI) November 29, 2019