डायनामाइट के आविष्कारक एल्फ्रेड नोबेल की याद में उनकी संस्था नोबेल फाउंडेशन हर साल, चिकित्सा, भौतिकी, रसायन, शांति, अर्थशास्त्र और साहित्य के क्षेत्र में नोबल पुरस्कार दिया जाता है। इसी शुरुआत साल 1901 से हुई थी। नोबेल पुरस्कार की शुरुआत अर्थशास्त्र में नोबेल देने से हुई थी। इस पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति-पत्र के साथ विजेता को एक इनामी राशि भी दी जाती है। नोबल पुरस्कारों में साहित्य के नोबल पुरस्कार के 70 साल के इतिहास में पहली बार साल 2018 में साहित्य का नोबल पुरस्कार नहीं दिया जा रहा है। Read More
सेंटर फॉर इकोनॉमिक स्टडीज एंड प्लानिंग में बनर्जी को पढ़ाने वाले अंजन मुखर्जी ने कहा कि उन्होंने अपने पूर्व छात्र को बधाई देते हुए ईमेल किया है। उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने उन्हें एक ईमेल किया है। वह बहुत अच्छे छात्र थे, सर्वश्रेष्ठ छात्रों में से एक। हमे ...
बनर्जी अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में अपनी पत्नी एस्थर के पीएचडी सुपरवाइजर भी रहे हैं। बनर्जी वर्तमान में एमआईटी में अर्थशास्त्र के फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल प्रोफेसर हैं। 1990 में जोशुआ एंगरिस्ट के साथ वह डुफ्लो के पीएच ...
डुफ्लो अर्थशास्त्र का नोबल पाने वाली दूसरी महिला हैं। वहीं वह यह पुरस्कार पाने वाली सबसे कम उम्र की अर्थशास्त्री भी है। नोबेल पुरस्कार के तहत 90 लाख क्रोनर (स्वीडन की मुद्रा) यानी 9,18,000 डॉलर का नकद पुरस्कार, एक स्वर्ण पदक और एक प्रशस्ति पत्र दिया ...
इसी साल लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने न्यूनतम आय योजना (NYAY) स्कीम का वादा किया था। इसके तहत भारत के 20 प्रतिशत गरीब परिवारों को सालाना 72000 रुपये देने की बात कही गई थी। ...
नोबेल पुरस्कार जीतने के बाद भारतीय मूल के अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी का भी एक बयान सामने आया जिसमें उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था डगमगाती स्थिति में है। ...
अर्थशास्त्र के लिए 2019 का नोबेल पुरस्कार जीतने वाले भारतीय मूल के अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति डगमगाती हुई है। वर्तमान (विकास के) आंकड़ों को देखने के बाद, (निकट भविष्य में अर्थव्यवस्था के पुनरोद्धार) को लेकर निश ...
बनर्जी को 2019 का यह पुरस्कार उनकी पत्नी एस्थर डुफ्लो और अमेरिका के माइकल क्रेमर के साथ संयुक्त रूप से दिया गया है। उन्हें यह पुरस्कार ‘वैश्विक स्तर पर गरीबी उन्मूलन के लिए किये गये कार्यों के लिये दिया गया।’ बनर्जी का जन्म मुंबई में हुआ है और वह अभी ...