2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में जन्मे मोहनदास करमचन्द गांधी को दुनिया महात्मा गांधी के नाम से जानती है। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सबसे अहम भूमिका निभाई थी। वे सत्य और अहिंसावादी थे। उन्होंने 200 सालों की अंग्रेजी हुकुमत को अहिंसावादी अंदोलनों से उखाड़ फेंका। इसमें स्वदेशी अंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, नमक सत्याग्रह जैसे प्रमुख आंदोलन हैं। आजादी के वक्त वह भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के खिलाफ थे। आजादी के बाद 30 जनवरी, 1948 को नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। Read More
राष्ट्र के रूप में हमारे देश का विकास केवल यहां के भू-भाग और किसी राजनैतिक सत्ता के अस्तित्व के कारण नहीं बल्कि पांच हजार से भी अधिक पुरानी हमारी संस्कृति के कारण हुआ है. ...
देश और दुनिया में आज भी महात्मा गांधी के सिद्धांत हमें सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। जानें कौन से 5 सिद्धांत बेहद अहम हैं। ...
केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ''पराक्रम दिवस'' के तौर पर मनाने का निर्णय लिया है, बोस की 125वीं जयंती 23 जनवरी को मनाई जाएगी. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने जानकारी दी. ...
लालबहादुर शास्त्री का परिचय केवल देश के दूसरे प्रधानमंत्री के तौर पर अधूरा नजर आता है. पाकिस्तान के हमले के बाद जो रूप दुनिया ने उनका देखा, उसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. ...
हिंदू महासभा की ओर से ग्वालियर में नाथूराम गोडसे के ज्ञानशाला की शुरुआत की गई है। महात्मा गांधी की हत्या करने वाले गोडसे के नाम पर यहीं मंदिर बनाने के लिए तीन साल पहले उसकी प्रतिमा भी स्थापित की गई थी। ...
संसार के सरपंच अमेरिका से लेकर उत्तर कोरिया तक अपने तौर-तरीके बदल रहे हैं. अफसोस यह है कि किसी भी देश की प्राथमिकताओं में अवाम की समस्याएं सुलझाना नहीं रहा है. ...
महात्मा गांधी 1915 में जब दक्षिण अफ्रीका से लौटे, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक उस समय तक देश के सर्वोच्च नेता थे. लेकिन उन्हें कभी भी कांग्रेस की अध्यक्षता करने का सम्मान नहीं मिला. ...